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ग्रापं खंडवा में अनियमितता की जांच पूरी, पूर्व सरपंच-सचिव पर 18.२४ लाख रुपए की रिकवरी के आदेश

- कागजों पर हुए है काम, जांच में भी शिकायत सही निकली- जनसुनवाई तक पहुंची थी अनियमितता की शिकायत, जांच के बाद रिकवरी की कार्रवाई

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धार

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Amit Mandloi

Nov 27, 2022

ग्रापं खंडवा में अनियमितता की जांच पूरी, पूर्व सरपंच-सचिव पर 18.२४ लाख रुपए की रिकवरी के आदेश

ग्रापं खंडवा में अनियमितता की जांच पूरी, पूर्व सरपंच-सचिव पर 18.२४ लाख रुपए की रिकवरी के आदेश

धार.
जनपद पंचायत नालछा की ग्राम पंचायत खंडवा में पंचायत निधि व मनरेगा के तहत हुए कामों की शिकायत की जांच पूरी हो गई है। इसमें ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार का नया रोल मॉडल बनकर सामने आई है। यहां पर सरकारी योजनाओं पर आने वाले सरकारी धन को पूर्व सरपंच और सचिव ने बंदरबांट कर ठीकाने लगा दिया। अब जांच के बाद इस मामले में जनपद सीईओ नालछा माया बारिया ने रिकवरी के आदेश जारी किए है।

गौरतलब है कि 6 सितंबर को ग्राम के अरूण कामदार व मुकुट चौधरी ने जनसुनवाई के दौरान धार में कलेक्टर को ग्राम पंचायत में हुए बीते कुछ सालों के कामों में अनियमितता की शिकायत की थी। इस पर जिपं सीईओ केएल मीणा ने जांच के लिए नालछा सीईओ को निर्देश दिए थे। इस प्रकरण की जांच प्रतिवेदन में बड़ी अनियमितता सामने आई है। खासतौर पर मनरेगा के तहत हुए कामों और पेयजल के नाम पर मरम्मत की रकम फर्जी तरीके से तत्कालीन सरपंच व प्रधान रहे समंदर सिंह और सचिव गौरीलाल औसारी ने निकाली और धरातल पर काम नहीं किया। एक-दो नहीं बल्कि कुल 8 कामों में अनियमितता पाई गई है। इसके तहत दोनों से 18 लाख 24 हजार 42 रुपए की रिकवरी प्रस्तावित की गई है। यह आदेश नालछा जनपद सीईओ द्वारा 1 नवंबर को जारी किए गए है।

नेताओं की निधि से मिले टैंकर भी गायब

जांच प्रतिवेदन में पाया कि ग्राम पंचायत खंडवा को विधायक व सांसद निधि से 2 टैंकर प्रदान किए गए थे। लेकिन यह टैंकर भी ग्राम पंचायत में जांच के दौरान नहीं मिले। इस कारण रिकवरी आदेश में इन दोनों टैंकर की राशि को शामिल कर रकम रिकवरी के तौर पर जमा करने के लिए आदेशित किया है।

इन कामों में रिकवरी के आदेश

-संकलन पोंड में अनियमितता के चलते 4.77 लाख रुपए की वसूली।
-निस्तार तालाब जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितता के चलते 1.38 लाख रुपए की वसूली।

-मोटर पंप व सामग्री क्रय में अनियमितता पर १ लाख रुपए की वसूली।

-चबूतरा निर्माण पर अनियमितता के चलते १.४९ लाख रुपए की वसूली।

-ग्रामीण नलजल योजना मरम्मत के नाम पर अनियमितता के चलते 2.27 लाख रुपए की वसूली।


-राज्य वित्त आयोग जनपद निधि से स्वीकृत 5 चबूतरे निर्माण में भी अनियमितता।

- मुक्तिधाम पौधारोपण व भूसंकलन पोंड के नाम पर अनियमितता के चलते 6.89 लाख रुपए की वसूली।