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अभी से होंगे प्रयास, तब ही मिलेगा मांडू को विश्व धरोहर का दर्जा

अब अंचल से भी आ रही आवाज-‘कहा हम भी हैं साथ’

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धार

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Arjun Richhariya

Mar 17, 2018

mandu news

धार. मांडू की धरोहरों को विश्व विरासत सूची में शामिल करवाने के लिए अब चेतना आने लगी है। शहर सहित अब ग्रामीण अंचल से भी लोगों ने आवाज उठाई है कि हम भी पत्रिका की इस मुहिम में हम भी साथ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मांडू की विरासत अगर विश्व धरोहर बनती है तो विश्व में प्रदेश के साथ देश का नाम भी होगा रोशन। उनका कहना है कि वर्षों से मांडू के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक सकारात्मक पहल सामने नहीं आने से यह नहीं हो पाया।
उनका कहना है कि यहां देश व विदेशी की नामचीन हस्तियां आ चुकी हैं और उनका आना जारी है। प्रदेश में मांडू ही ऐसी जगह हैं जहां की धरोहर देशी और विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर खींचने के की कूबत रखती है। यहां की हर इमारत की अपनी अलग पहचान और खूबी है। साथ ही शिल्प से लेकर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी काफी समृद्ध है। अगर मांडू इस प्रक्रिया से विश्व पर्यटन के मानचित्र पर आता है तो यह प्रदेश के साथ-साथ धार जिले के लिए भी गौरव का विषय होगा।
रिंगनोद ञ्च पत्रिका. शहर के समाजसेवियों एवं बुद्धजीवियों का कहना है कि धार की शान और पहचान मांडू से है। यहां की खूबसूरत वादियों और इमारतों की भारत सहित अन्य किसी भी देश के पर्यटक एक बार इसका भ्रमण कर लेते हैं तो अभिभूत हो जाते हंै। इतनी अनमोल ऐतिहासिक इमारतों के बाद भी आज विश्व में मांडू गुमनाम है। यदि मांडू की इमारतों में से कोई विश्व धरोहर बनती है तो प्रदेश के साथ देश का नाम भी रोशन होगा। इस ओर प्रदेश के साथ केंद्र सरकार को भी पहल कर विश्व धरोहर का दर्जा दिलवाना चाहिए। हमारे जिले में इतनी अनमोल विरासत होने के बाद भी उपेक्षा की जा रही, क्योंकि मांडू आने-जाने के लिए मार्ग बदहाल है। इस कारण अकसर पर्यटकों के वाहन के खराब होने का भय बना रहता है।
पर्यटन रोजगार बढ़ेगा
&विश्व धरोहर मांडू को घोषित करना चाहिए। अगर मांडू विश्व धरोहर घोषित होती है तो पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढं़ेगे। जिले को विश्व में पहचान मिलेगी।
हुकमीचंद धोका, समाजसेवी, रिंगनोद
इतनी शानदार इमारतें और कहीं नहीं
&मांडू में जहाज महल, रानी रूपमती महल, जामा मस्जिद सहित अन्य इमारतें और खूबसूरत वादियां विश्व में अनोखी होने से अपनी अलग ही खासियत रखती है। इतनी शानदार धरोहारें देश के अन्य हिस्सों में कहीं नहीं है। मांडू की धरोहरों को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना ही चाहिए।
डॉ.दिलीप सतपुड़ा, रिंगनोद
सुविधाएं भी बढ़ें और सौगात भी मिले
&मांडू में बनाई गई ऐतिहासिक इमारतों का निर्माण खिलजी वंश में हुआ था जो कि कई वर्षो बाद भी आज भी अडिग खड़ी हंै। विश्व धरोहर की सूची में शामिल करवाने के साथ ही यहां के पहुंच मार्गों को सुगम बनाना होगा। सुविधाएं भी विश्वस्तरीय बनानी होंगी।
हाजी अखलाक कुरैशी, वरिष्ठ व्याख्याता, इतिहास,रिंगनोद