
धार. अक्टूबर की १६ तारीख से शुरू हुई भावांतर भुगतान योजना अब अंतिम चरण में है। बता दें कि धार जिले में सबसे बड़ी फसल सोयाबीन है और प्रदेश सरकर ने योजना में सोयागीन बेचने की तारीख ३१ दिसंबर तय की है। हालाकि योजना में उड़द की २२ दिसंबर व मक्का की बिक्री ३१ जनवरी तक चलेगी। अब तक हुई उपज बिक्री में अक्टूबर माह का भी सभी किसानों को अंतर की राशि का भुगतान नहीं हो पाया, वहीं मंगलवार को कलेक्टर श्रीमन शुक्ला ने उपसंचालक, कृषि पीएल साहू को निर्देशित किया कि वे दिसंबर में हुई बिक्री के भुगतान की भी तैयारी कर लें। इन दिनों उपसंचालक कार्यालय में नवंबर में हुई बिक्री के सत्यापन का काम चल रहा है, जिसके अंतर की राशि का भुगतान करने के लिए शासन को १७ करोड़ १० लाख ७४ हजार २०८ रुपए की डिमांड भेजी गई है।
अक्टूबर के ५३ किसान छूटे
भावांतर भुगतान योजना में १६ अक्टूबर से ३१ अक्टूबर के बीच ६ हजार १८० किसानों ने अपनी उपज बेची, जिनमें से ६ हजार १२७ किसानों को ५ करोड़ ९९ लाख ४१ हजार ३९२ रुपए का भुगतान किया गया है। वहीं अक्टूबर माह में उपज बेचने वाले ५३ किसानों को अंतर की राशि नहीं दी जा सकी है। कृषि विभाग की मानें तो इनके बैंक खाता नंबर गलत थे, जो सुधार लिए गए हैं और जल्द ही इनका भी भुगतान जमा हो जाएगा। योजना के तहत पहले चरण में जिलेभर से कुल ५२ हजार ८९६ किसानों का पंजीयन हुआ था, जबकि छूटे किसानों में से ४ हजार ९७६ ने बाद में पंजीयन कराया था। इस प्रकार भावांतर भुगतान योजना के तहत जिले से कुल ५७ हजार ८७२ किसानों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से ३० नवंबर तक २१ हजार ६७१ किसान अपनी उपज बेच चुके हैं।
'हमारे खाता में कब डलेगा रुपया'
इधर समय पर अंतर की राशि नहीं मिलने से किसान भी खासे परेशान हैं। मंडी में कम भाव पर उपज बेचने के बाद अंतर की राशि का इंतजार कर रहे किसान अफसरों के फोन घनघना रहे हैं। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दिनभर में ३०० से ज्यादा किसानों के फोन आ रहे हैं, जो रात में भी सोने नहीं दे रहे हैं। हर फोन पर एक ही सवाल होता है, 'मारे खाता में कब डलेगा रुपया...।Ó दिसंबर की २१ तारीख हो चुकी है, जबकि अब तक सरकार नवंबर में उपज बेचने वाले किसानों को भी अंतर राशि का भुगतान नहीं कर पाई है।
डिमांड भेजी है
"नवंबर माह के अंतर की राशि का भुगतान होना है, जिसके लिए शासन को डिमांड भेजी है। जल्द ही भुगतान कर देंगे। अक्टूबर में ५३ किसानों के बैंक खातों की परेशानी थी, जिन्हें दुरुस्त कर लिया गया है। इनको भी जल्द ही भुगतान कर देंगे।"
पीएल साहू, उपसंचालक, कृषि
Published on:
21 Dec 2017, 3:57 PM IST
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