
गेहूं खरीदी में लापरवाही अब ट्रेक्टर की ट्राली ही बनी अन्नदाता का बिछौना...42 डिग्री तापमान में खाते है खाना (देखे वीडियो)
धार. दिनरात खेतों में मेहनत करने के बाद जब गेहूं लहलहाता है, तो किसानों में उम्मीद जागती है कि अब घर खर्च का पैसा मिल जाएगा। प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसान जंगल में पांच से छह दिन से ट्रेक्टर की ट्राली के उपर सो रहे है। 42 डिग्री तापमान में धूप में खाना खारहे है। जंगल एरिया होने से अब चोरियां भी होने लगी है, लेकिन किसान इस आस में सड़क पर दिन-रात काट रहा है कि उसका नंबर आएगा और समर्थन मूल्य पर उसका गेहूं बिक जाएगा।
13 मई को मैसेज आया था। 16 मई को गेहूं से भरी ट्राली लेकर आ गया हूं, यहां आने के बाद किसी ने गेहूं नहीं तौला है। ट्राली के उपर ही सोना पड़ रहा है। खाना ट्रेक्टर मालिक भेज रहे है।
धर्मेंद्र, तलवाड़ा
जंबूरखेडी से ट्राली लेकर आया हूं। पांच दिन हो गएहै, लेकिन गेहूं नहीं तुल पाया है। यहीं सो रहे है और धूप में ही खाना खा रहे है।
रजनीश कामदार,
13 मई को मैसेज आया था। इसके बाद गेहूं लेकर आ गया हूं। छह दिन हो गए है, लेकिन गेहूं नहीं तुल पाया है। रात में यहीं पर सोना पड़ रहा है। सलकनपुर जाकर खाना लेकर आना पड़ता है।
रवि जाट,सलकनपुर
पांच दिन हो गए है। जंगल एरिया है मेरा मोबाईल भी चोरी हो गया है। रोज बोल रहे है दो दिन में नंबर आने का बोल देते है।
मलखानसिंह, धरावरा
किसान अलग-अलग क्विंटल लेकर आते है। तुलाई में दिक्कतें आती है। इस बार आवक ज्यादा है। एक किसान में भी समय लग जाएगा। परिवहन के लिए फेडरेशन से बात चल रही है।
आरएस वसुनिया जिला प्रबंधक जिला सहकारी
जेल रोड पर दो केंद्र है। पहला देदला और दूसरा नौगांव का आमखेडा है।
इसमें लगभग आठ से दस गांव आते है। इन्हें 13 मई को मैसेज आ गया था। इसके बाद ये 13 मई से ट्रेक्टर-ट्राली में गेहूं लेकर आए थे लेकिन आठ दिन से अधिक हो गए है। इसके बाद भी इनका गेहूं नहीं तौला गया है। ये लोग ट्रैक्टर-ट्राली के उपर ही सो रहे है। इतना ही नहीं 42 डिग्री तापमान में खाना भी खा रहे है।
Published on:
22 May 2020 02:50 pm
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