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Online Classes : ऑनलाइन क्लास से विद्यार्थियों की आंखें हो रही लाल, निकल रहे आंसू

विद्यार्थियों की आंखों पर भारी पड़ रही ऑनलाइन कक्षाएं, अस्पताल ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे 30 से 35 बच्चे, आंखे लाल होना, दर्द करना और आंसू निकलने की शिकायत

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धार

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Vishal Yadav

Feb 13, 2021

Online student classes

Online student classes

बड़वानी. कोरोना काल की वजह से इस बार स्कूल-कॉलेज का संचालन देरी से शुरु हुआ है। वहीं अब भी अधिकांश विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर है। मोबाइल, कम्प्यूटर के माध्यम से घंटों पढ़ाई विद्यार्थियों की आंखों पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे 30 से 35 बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनको आंखे लाल होना, आंसू निकलना और दर्द होने की शिकायत हो रही है। साथ ही इयरफोन का उपयोग करने से कान दर्द के उपचार के लिए भी पालक बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंच रहे है।
उल्लेखनीय है कि कक्षा 6टी से 12वीं और कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों की दिसंबर माह तक ऑनलाइन कक्षाएं लगी है। वर्तमान में भी इनका संचालन जारी है। वहीं कई विद्यार्थी परिजनों का सहमति पत्र भरवाकर ऑफलाइन कक्षाओं में जाने लगे हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है। विद्यार्थी 5 से 8 घंटे तक ऑनलाइन क्लासेस और रिकार्डेड वीडियो के माध्यम से पढ़ाई कर रहे है। जिससे उनकी आंखे लगातार स्क्रीन पर जमीन रहती है। इस तरह कई छात्रों की आंखों में जलन, विजन कमजोर होना, सिरदर्द, कानों में सन्न की आवाज गूंजना और कम सुनाई देने की समस्याएं आने लगी है, तो कई छात्र मायोपिया, भेंगापन, आंखों में तनाव, धुंधलापन, लालिमा, आंसू आना जैसी समस्याओं से जूझ रहे है।
एक माह में 500 से अधिक आंख के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक माह के दौरान पांच सौ से अधिक नैत्र मरीज पहुंचे है। इसमें विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही है। वर्तमान में प्रतिदिन 30 से 35 बच्चे आंखों में जलन, दर्द, धुंधलापन आदि की शिकायत लेकर पहुंच रहे है।
समस्या बन रही मायोपिया
मायोपिया में हमें पास की चीजें तो साफ दिखती हैं, लेकिन दूर की चीजें स्पष्ट दिखाई नहीं देती। यदि कोई चीज हमसे दो या चार मीटर की दूरी पर हैं, वो धुंधली नजर आने लगती है।
ये उपाय अपनाए
-बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित किया जाए
-ऑनलाइन पढ़ाई चल रही हैं तो प्रति 20 मिनट बाद 20 सेकंड आंखों को आराम दे
-चिकित्सक की सलाह अनुसार आंखों को घुमाने की कसरत करें
-बच्चे जब स्क्रीन का इस्तेमाल कर रहे हो, तब बार-बार पलकें झपकते रहे
-स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय उससे जितना दूर हो सके, उतना दूर बैठे
विशेषज्ञ की राय
जिला अस्पताल के नैत्र सहायक अनिल राठौड़ का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान लगातार कम्प्यूटर, लेपटॉप, टेबलेट व मोबाइल पर आंखें गड़ाए रहने से कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या निर्मितत होती है। स्क्रीन की नीली रोशनी आंखों के लिए अधिक हानिकारक होती है। इससे बचने के लिए पॉवर एंटी ग्लास का उपयोग करे। प्रति आधे घंटे में पांच मिनट आंखों को आराम दे। साथ ही इस दौरान आंखों को पानी से धोते रहे। जहां तक संभव हो मोबाइल-टेबलेट की जगह बड़ी स्क्रीन से काम करे। कम्प्यूटर-लेपटॉप से पढ़ाई करते समय गर्दन को सही रखे अन्यथा इससे तनाव और सिरदर्द आदि समस्याएं हो सकती है।