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video खुरसानी इमली का पेड किया ट्रांसप्लांट

अब नहीं कटेंगे, विभाग की सांठगाठ से कट गए पूर्व में पेड

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धार

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Amit Mandloi

May 12, 2023

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मांडू.

खुरसानी इमली के पेड़ों को अब नहीं काटा जाएगा । पेड़ों को पुन: जीवन देने के लिए ग्राम ज्ञानपुरा में रिप्लांट कर दिया गया है । ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन सकते में आया था और आनन फानन इन पेड़ों को ले जाने से रोका गया । कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जैव विविधता नियम के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए थे।

गौरतलब है कि बीते 1 सप्ताह से मांडू की खुरसानी इमली को काटकर हैदराबाद ले जाने के मामले को लेकर विरोध के स्वर चल रहा है । ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल था गुरुवार को कंपनी के लोग कंटेनर में भरकर खुरसानी इमली के पेड़ को ले जा रहे थे । बड़ी संख्या में ग्रामीण चक्का जाम पर बैठ गए थे करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर बैठने के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों को समझाइश दी गई । इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।

मशक्कत के पेडों का रिप्लांट हुआ

खुरसानी इमली के पेड़ों को रिप्लांट करने के लिए टीम सुबह 9 बजे से मौके पर पहुंच गई थी । उद्यानिकी विभाग की टीम के साथ नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड , ग्राम सरपंच और हल्का पटवारी मौजूद रहे । मिट्टी प्रशिक्षण के बाद रिप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई एक्सपर्ट ने बताया कि पेड़ शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है। जिसमें पेड़ के डंगाल की ट्रिमिंग कटाई और क्यूरिंग की जाती है। इसके बाद पेड़ की जांच की जाती है कि बीमारी है या नहीं। बीमारी होने पर पहले उपचार किया जाता है। बीमारी नहीं होने पर ट्रिमिंग करने के बाद टहनियों पर केमिकल से उपचार किया जाता है। ताकि कटे हुए जगह पर पानी, ओस या धूल से नुकसान न पहुंचे। यह सारी प्रक्रिया की गई है इसके साथ ही दूसरी ओर शिफ्टिंग वाले स्थान पर गडढे करवाएं गए हैं


इसके बाद पहले से तैयार किए गए पेड़ को क्रेन, हाइड्रा की मदद से गडढे में शिफ्ट किया गया पेड़ों को शिफ्ट करने में काफी मशक्कत करना पड़ी । एक पेड़ को रिप्लांट करने के लिए सुबह 9 से शाम के 4 बज गए । अंतत: पेड़ रिप्लांट कर दिया गया उसके बाद दूसरे पेड़ को लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई पेड़ को लगवाने में ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की।

सुरक्षा के लिए जालियां लगाई

पेड़ों को पुन: जीवन देने के लिए पेड़ों को रिप्लांट कर दिया गया । साथ इनकी सुरक्षा के लिए पेड़ों के चारों ओर तार की जालियां लगाई गई है । साथ ही पेड़ों को पुनर्जीवन देने के लिए खाद ,पानी की व्यवस्था भी प्रशासन कर रहा है

विधायक साधे रहे चुप्पी

ग्रामीणों के विरोध और कांग्रेसी नेता रेवती रमण सिंह के विरोध के बाद दुर्लभ पेड़ों को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ। विधायक पाचीलाल मेडा चुप नजर आए। छोटी-छोटी बात पर धरना आंदोलन से लेकर विधानसभा में प्रश्न उठाने वाले मेडा गायब नजर आए। उन्होंने विरोध नहीं किया। ना प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया।ग्रामीणों का विरोध ना होता तो आज यह धरोहर धीरे.धीरे नष्ट हो जाती। विधायक को अपने क्षेत्र की इस अमूल्य धरोहर की चिंता क्यों नहीं हुई इस बात के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं ।

हैदराबाद के जो लोग इन पेड़ों को ले जा रहे हैं उन्होंने एक साइड बना रखी है यूनिक प्लांट जिस पर सारी डिटेल इनके द्वारा डाली गई जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के लोग राजनीतिक हस्तियां जुड़ी हुई है । इस साइट के माध्यम से यह इस तरह के पेड़ों को उपलब्ध कराते हैं भोले वाले किसानों से 20 25 हजार में खरीदी कर लाखों रुपए में इन पेड़ों को बेचा जा रहा है

रेवती रमन राजू खेड़ी नेता कांग्रेस


बॉटनिकल गार्डन की दबंगई

इस विषय पर जब रामदेव राव ग्रीन किंग्डम बाटनिकल गार्डन हैदराबाद से चर्चा की गई और परमिशन को लेकर सवाल किया गया तो वह झल्ला उठे और कहने लगे कहानी खत्म हो गई है अब क्या है बगैर अनुमति के में पेड़ ले जा रहा था । कलेक्टर से बात करें।