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पं. प्रदीप मिश्रा की कथा में 600 पुलिसवालों की ड्यूटी, कथा सुनने चलना पड़ेगा 1.5 किमी पैदल

सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा २४ मार्च से कोटेश्वर तीर्थ पर शुरू होने जा रही है, कथा में आनेवाले श्रद्धालुओं की बैठने से लेकर आवाजाही करने तक के मार्ग की व्यवस्था लगभग पूर्ण हो चुकी है। उम्मीद है कि यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुुंचेंगे.

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धार. सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा 24 मार्च से कोटेश्वर तीर्थ पर शुरू होने जा रही है, कथा में आनेवाले श्रद्धालुओं की बैठने से लेकर आवाजाही करने तक के मार्ग की व्यवस्था लगभग पूर्ण हो चुकी है। उम्मीद है कि यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुुंचेंगे, इस कारण वाहनों की पार्किंग स्थल कथा पांडाल तक पहुंचने में लगभग 1.5 किलोमीटर श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ेगा। इस रास्ते में किसी प्रकार के वाहन भी आवाजाही नहीं कर पाएंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा का आयोजन इस विधानसभा क्षेत्र में पहली बार हो रहा है।


पहाड़ों की तलहटी में बसे कोटेश्वर महादेव पर वैसे तो 12 महीने भक्तों की भीड़ लगी रहती है। लेकिन यहां पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा होने से यहां देशभर से लोग कथा सुनने पहुंचेंगे। 24 मार्च से प्रारंभ होने वाली कथा 28 मार्च तक चलेगी। कोटेश्वर तीर्थ मध्यप्रदेश के धार जिले के बदनावर तहसील के पश्चिम में स्थित है, जो अपने आप में आस्था का केंद्र हैं। कोटेश्वर धाम पर ये धार्मिक आयोजन बदनावर विधानसभा क्षेत्र में अब तक का यह बड़ा धार्मिक आयोजन होगा।


यहां पर कथा का आयोजन शिवकुमार सिंह सिसोदिया व प्रदीप पांडे की स्मृति में इंदौर के वरिष्ठ नेता कांग्रेस के महामंत्री शरदसिंह सिसोदिया करवा रहे हैं। कोटेश्वर धाम पर आयोजन को लेकर के तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है। श्रद्धालुओं के कथा श्रवण करने के लिए दो डोम बनाए गए हैं। 162000 वर्ग फीट मैं भक्तों की बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन में 12 एलईडी लगेगी और 450 पंखे लगाए गए हैं।

320 फीट में तैयार हुआ मंच
प्रशासनिक अधिकारियों व्यवस्थापको और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कथा पांडाल सहित आसपास के क्षेत्र में करीब 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए 2000 कार्यकर्ता लगाए गए हैं। जो भोजन से लगाकर के पांडाल जल व्यवस्था और तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं देखेंगे। बजरंग दल के 50 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे। वही जंबो कूलर भी पंडाल में लगाए जाएंगे मंच पर जंबो एसी का उपयोग किया गया है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से 600 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।


आयोजन में सबसे बड़ी बात यह है कि पांडाल में पेयजल की व्यवस्था है महिला मंडल संभालेगी। वही प्रतिदिन संध्या आरती में 500 वीआईपी वीआईपी श्रद्धालु आरती का लाभ ले पाएंगे। पेयजल के लिए 2000 आरओ वाटर कैन की व्यवस्था की गई है। पंडाल के बाहर अलग-अलग पानी के टैंकर की व्यवस्था भी की गई है। ताकि श्रद्धालुओं को पेयजल की किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो।

कथा पांडाल से डेढ़ किलोमीटर दूर खड़े होंगे वाहन
कथा स्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर आम श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ऐसे में वाहन से आनेवाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन पार्किंग में खड़े करने के बाद करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर पंडाल तक पहुंचना पड़ेगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के आवाजाही करने के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के कोटेश्वर तीर्थ आवाजाही करने के लिए करीब १० अलग-अलग मार्ग की व्यवस्था है।