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VIDEO नर्सिंग दिवस का बहिष्कार कर रैली निकाली

- नुक्कड नाटक की प्रस्तुति से बताया अपना काम

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धार

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Amit Mandloi

May 12, 2023

VIDEO नर्सिंग दिवस का बहिष्कार कर रैली निकाली

VIDEO नर्सिंग दिवस का बहिष्कार कर रैली निकाली

धार.

नर्सिंग कालेज में पढने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं होने से विद्यार्थियों में आक्रोश है। सभी नर्सिंग का कोर्स करने वाले युवा-युवतियों ने विश्व नर्सिंग दिवस का बहिष्कार कर लालबाग से रैली निकाली। रैली लालबाग से शुरू होकर कलेक्टे्रट पहुंची। आवेदन के पूर्व विद्यार्थियों ने नुक्कड नाटक के माध्यम से अपने कार्यों को बताया।

जिले के मान्यता प्राप्त कॉलेजों के विद्यार्थियों ने कालीपट्टी बांधकर लालबाग से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाल कर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम से आवेदन दिया।

२०२०-२१ से परीक्षा ना छात्रवृत्ति

आवेदन में बताया गया की सत्र 2020.21 के बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों की आजतक परीक्षा नहीं ली गई है । छात्रवृति नहीं मिली है। रैली में नारों के साथ नर्सिंग विद्यार्थियों ने अपनी पीडा बताई ।

परिवार करता है त्याग

प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन सैनी शामिल हुए । उन्होंने कहा कि नर्सिंग विद्यार्थियों की पीडा मंै जनता हूं क्योकि खुद नर्सिंग का विद्यार्थी रहा हूं। मैंने देखा है नर्सिंग में बच्चे कितनी मेहनत करते है । उनका परिवार कितना समझौता करते है और अगर इन विद्यार्थियों की 3-3 साल तक परीक्षा न हो छात्रवृति न मिले तो बच्चे कैसे अपनी पढाई करे और कैसे अपना करियर बनाए।

कोरोना समय में इन विद्यार्थियों ने दी थी सेवाएं

ज्ञापन देने आए नर्सिंग विद्यार्थियों ने बताया कि जब कोरोना के समय रेगुलर स्टाफ की कमी थी । तक समाज सेवा की भावना से प्रशासन के कहने पर इन्ही नर्सिंग विधार्थियो ने अल्टेरनेट ड्यूटी की थी और कई जिंदगियां बचने का कार्य किया है लेकिन आज इनके साथ न्याय नहीं हो रहा है।

सबसे पहले नर्स ही होती है जो हमें पोलियो की दवा पिलाती है

इस अवसर पर कॉलेज संचालक डॉ आशीष चौहान ने कहा किीजब कोई बच्चा जन्म लेता है तो सबसे पहले एक नर्स ही होती है जो उस पोलियो की दवा पिलाती है । बीमारियों से बचने के लिए टीका लगाती । उसके बाद मां की ममता मिलती है । शायद इसी भावना की वजह से नर्स को सम्मान से बहन का दर्जा दिया गया है लेकिन आज इन्ही नर्सिंग विद्यार्थियों को 3 साल से परीक्षा का आयोजन नहीं होना मप्र मेडिकल विवि की विफलता है । छात्रवृति न देना आदिमजाति कल्याण विभाग की असफलता है।