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संयुक्त राष्ट्र में गूंजा ‘विकसित भारत’ का संकल्प, केंद्रीय राज्यमंत्री ने रखा देश का दृष्टिकोण

United Nations : भारत का विकास दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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धार

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 4 Feb 2026, 9:56 AM IST

United Nations

संयुक्त राष्ट्र में गूंजा 'विकसित भारत' का संकल्प (Photo Source- Patrika)

United Nations : संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा

मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।