
बारिश में पौधरोपण कर सहेजने का लेना होगा संकल्प
बारिश में पौधरोपण कर सहेजने का लेना होगा संकल्प
- शहर के प्रबुध्दजनों ने दी आदर्श पौध रोपण पर अपनी प्रतिक्रिया
पत्रिका मुहिम
धार.
बारिश ही पौधों को सिंचने और बढ़ा होने का आदर्श समय होता है। इसी समय पौधा अपने विकसित रूप में आता है। परंतु वर्तमान में पर्यावरण के नाम पर औपचारिकता की जा रही है, कहीं न कहीं हम अपने आप से खिलवाड़ कर रहे है। क्योंकि यह पर्यावरण ही हमारे भविष्य का निर्धारण करेंगा। शासन की पौध रोपण से संबंधित योजनाएं समय-समय पर बारिश में आती है परंतु देखरेख एवं तकनीकी कौशल की कमी से वे दम तोड़ देती है। कैसे इन योजनाओं को सही ढंग से क्रियान्वित किया जाए। अधिक पौध रोपण की जगह कुछ एक पौधों पर ध्यान लगाकर उन्हें बढ़ा किया जाए इसी ध्येय के साथ पत्रिका ने शहर के प्रबुध्द नागरिकों से अपने विचार साझा करने को कहा। जिस पर प्रबुध्द नागरिकों ने अपनी अलग-अलग राय दी।
अब पौधे नहीं, पेड लगाना होगा कारगर
हजारों की संख्या में पौधारोपण न करते हुए कुछ पेड़ 10 से 12 फीट के ऐसे लगाएं जिनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी स्वयं रखें। व्यक्ति स्वयं अपने जन्मदिन पर या बच्चों के जन्मदिन पर घर के आंगन में पेड़ लगाने की बजाए आदर्श सड़क पर जाकर के एक-एक पेड़ लगाएं और पूरे वर्ष पर उसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी स्वयं ले, उसका खर्च भी स्वयं वहन करें, इससे प्रशासन को भी मदद मिलेगी और देश सेवा की भावना भी जागृत होगी। व्यक्ति को स्वयं आगे आना होगा सब कुछ प्रशासन करें जरूरी नहीं है।
- सचिन बाफना, व्यापारी
स्वयं को भी लेना होगी जिम्मेदारी
पौधरोपण के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, जनसंख्या में लगातार वृद्धि और पेड़ों की लगातार कटाई के परिणाम आने आरंभ हो गए है, पर्यावरण असंतुलन, बीमारियों का प्रकोप और प्रतिदिन बढ़ता तापमान आने वाली पीढि़ के लिए जीवन मुश्किल कर देगा। मैंने प्रति वर्ष 5 पेड़ लगाने और उन्हें सहेजने का संकल्प लिया है। आप भी इस कार्य में जुटे अपने आसपास की खाली जगह या बगीचों में पेड़ लगाए और उनके बड़ा होने तक ख्याल रखें।
- राजीव जोशी, व्यापारी एवं समाजसेवी
लगाना चाहिए फाइन
जिस तरह से स्वच्छ भारत मिशन चल रहा है उसी प्रकार पौधरोपण मिशन पर जोर देकर सभी शासकीय कर्मचारियों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर देना एवं नागरिकों को जनचेतना द्वारा इस के लिए प्रेरित करना होगा। हाईवे किनारे सड़क निर्माण के लिए काटे गए पेड़ की क्षति पूर्ति भी पूर्ण सुनिशचित करनी होगी। जैसे कचरा फेकने पर स्पॉट फाइन लगाया जाता है वैसे ही पर्यावरण को नुकसान पुहंचाने पर भी स्पॉट फाइन लेने का प्रावधान करना होगा।
- टूटू ठाकुर, कर्मचारी, शासकीय विभाग
सुनिश्चित हो सुरक्षा व्यवस्था
कितने भी पौधरोपण हो जाएं जब तक उनकी सुरक्षा नहीं है पौधरोपण का कोई फायदा नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही पेड़ बच पाएंगे। पिछले वर्ष छह करोड़ पौधे राज्य शासन द्वारा रोपे गए थे उसमें से एक परसेंट भी पनप नहीं सके। यह सब सुरक्षा के अभाव में ही हुआ है। सर्वश्रेष्ठ उदाहरण मांडव रोड पर वन विभाग द्वारा वर्ष 2007 में किया गया पौधरोपण है, जिसमें पेड़ वर्तमान में लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। आदर्श सड़क के लिए कम से कम एक फूल टाइम होना जाना चाहिए जो कि घोड़ा चौपाटी से इंदौर नाके तक के पौधौ की देखभाल कर सके, अन्यथा पौधरोपण एक फॉर्मेलिटी बनकर रह जाएगा।
- अजीज खान, उद्योगपति
संकल्प लेना बहुत जरूरी
पौधारोपण एक आसान काम है पर मुश्किल होता है उसको पेड़ में तब्दील करना। पौधरोपण करते हुए ही उस पौधे को पेड़ में तब्दील करने का संकल्प लेना बहुत जरूरी है। उसे व्यापक सुरक्षा इंतजाम के साथ ही रोपा जाए, तभी हमारे द्वारा किया हुआ पौधारोपण सार्थक होगा और रोपण में आया खर्च भी व्यर्थ नहीं जाएगा।
- गुंजन जोशी, युवा, उद्योगपति
Published on:
18 Aug 2018 10:55 am
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