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भोलेनाथ ने  सुसज्जित बग्घी पर सवार होकर किया नगर भ्रमण

झीर्णेश्वर तक निकली कावड़ यात्रा

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धार

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Ramesh Vaidh

Aug 21, 2018

dhar

भोलेनाथ ने  सुसज्जित बग्घी पर सवार होकर किया नगर भ्रमण

बाग. नगर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भोलेनाथ शाही सवारी के साथ सुसज्जित बग्गी पर नगर भ्रमण पर निकले और प्रजा का हाल जाना। सवारी का आकर्षण नासिक के ढोल ताशा पार्टी थी।
शाही सवारी नृसिह मंदिर से निकलकर बाघनी नदी तट स्थित जबरेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। जहां भगवान भोलेनाथ की महाआरती के साथ प्रसादी का वितरण भक्तों को किया गया। नगर में प्रजा का हाल जानने निकले भगवान भोलेनाथ आखिरी श्रावण सोमवार को शाही अंदाज में निकले और भक्तों को दर्शन दिए। शंकर सवारी शाम को नृसिह मंदिर से निकली तो भोलेनाथ को शाही बग्गी में निकाला गया। इस शंकर सवारी में बैंड डीजे और केशरिया साफे में युवक युवतियां शाही सवारी की शान बढ़ा रहे थे तो केशरिया झंडे भी सवारी में युवक जमकर लहरा रहे थे।
राजगढ़. सद्भावना मंच सरदारपुर-राजगढ द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कावड़ यात्रा सोमवार को शंकर मंदिर मालीपुरा से झीर्णेश्वर धाम सरदारपुर तक निकाली गई, जिसमें महिलाओं एवं बच्चों सहित लगभग हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। कावड़ यात्रा सुबह 10 बजे शंकर मंदिर से प्रारंभ हुई। पूर्व विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं भंवरसिंह बारोड़ कावड़ उठाकर सबसे आगे चल रहे थे। साथ ही कई श्रद्धालु धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। श्रद्धालु जय भोलेनाथ, जय झिर्णेश्वर के जयघोष लगा रहे थे। कावड़ यात्रा तीन बत्ती चौराहा, लाल दरवाजा, चबुतरा चौक, मैन चोपाटी, पुराना बस स्टैंड, माही तट सरदारपुर, पंचमुखी चौराहा, बस स्टैंड होते हुए झीर्णेश्वर धाम पहुंची, जहां पर माही के जल से जलाभिषेक किया। यहां पर महाआरती कर प्रसादी वितरित की गई। कावड यात्रा का राजगढ़ एवं सरदारपुर मे कई सामाजिक एवं धार्मिक मंचों द्वारा विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कई स्थानों पर स्वलपाहार की व्यवस्था भी की गई। कावड़ यात्रा में रघुनंदन शर्मा, गोविंद पाटीदार, पुष्पेंद्रसिंह राठौर, राजू लोहार, महेश भाबर, राजु लोहार, प्रमोदराज जैन, दिनेश परमार, हरिओम द्विवेदी, दिलीप वसुनिया, दिनेश बैरागी, ब्रजेश ग्रेवाल, मनीष श्रीवास्तव, अंसार खान, बलराम यादव, छगन राठौर, मुकेश पाटीदार, राधेश्याम जाट, जगदीश पाटीदार, धर्मेंद्र पटेल आदि श्रृध्दालु उपस्थित थे। यह जानकारी विष्णु चौधरी ने दी।
बरमंडल. चौथे और अंतिम सोमवार को दूसरी शाही सवारी नगर के अतिप्राचीन गणेश मंदिर गंडेरी से नगर के प्रमुख मार्गों से भगवान भोले का विशाल डोला नगर भ्रमण के लिए निकला। अभिषेक के बाद ही भोलेनाथ सुंदर सजी पालकी में नगर भ्रमण के लिए निकले और भोले ने अपनी प्रजा का हाल जाना। जैसे ही मंदिर परिसर से डोला निकला वैसे ही नगर के चारों ओर धार्मिक माहौल बन गया और रिमझिम बारिश प्रारंभ हो गई। बरसते पानी में भी भोले के भक्तजन नृत्य करते चल रहे थे।
डोले में भूतों की बारात के साथ ही भोलेनाथ पार्वती आर्कषक का केंद्र रही। वहीं, ठेलागाड़ी पर बाबा बर्फान के रुप में सजाया जो सभी को आकर्षित कर रहा था। इस अवसर पर भगवान भोले का विशेष शृंगार किया गया। भगवान भोले को तोप से सलामी भी दी जा रही थी। मंदिर परिसर से ही भगवान भोलेनाथ का पूजन हर वर्ग के लोगों ने रास्तेभर मे स्वागत किया। महाकाल की नगरी उज्जैन की तर्ज पर निकले भोले के इस डोले का नगर के कई मंचो द्वारा स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर फल, दूध, फरियाली खिचड़ी, केले, मिठाई का वितरण किया गया। इस शाही सवारी में विधायक वेलसिंह भुरिया एवं पूर्व विधायक प्रताप ग्रेवाल ने भी उपस्थित होकर स्वागत किया। दोपहर 12 बजे निकला डोला करीबन 7 बजे मंदिर परिसर पहुंचा। जहां महाआरती के साथ महाप्रसादी का वितरण किया गया। भगवान भोले के दर्शन के लंबी कतार लगी रही। सुरक्षा की दृष्टि से राजोद थाना प्रभारी राजू मकवाना अपने दल बल के साथ मौजूद रहे।

बदनावर. श्रावण के चौथे सोमवार को बैजनाथ महादेव मंदिर में आकर्षक शृंगार हनुमान रूप में किया गया। कलाकार महेश पंवार एवं उनकी टीम ने भगवान भोले को सजाया।पिपलेश्वर मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद बैंडबाजे के साथ भगवान भोलेनाथ की सवारी निकली। नगर भ्रमण के दौरान अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की पूजा की। अंतिम सवारी को लेकर नयनाभिराम झांकियों का निर्माण कलाकारों ने शुरू कर दिया है। वहीं अखाड़ों की तैयारियों में भी खलीफा जुट गए।
गंधवानी. ब्लॉक की लगभग 50 पंचायत से सैकड़ों कावडिय़ों के साथ यात्रा निकाली गई। इसमें बच्चे, बूढ़े और जवानों शामिल हुए। यह यात्रा सेमल्दा से शुरू होकर मनावर पहुंची, जहां नगर वासियों ने भव्य स्वागत किया। यात्रा लुन्हेरा से अवल्दा, खडक़ी होते हुए गंधवानी पहुंची। गंधवानी में कावडिय़ों का गांव की जनता द्वारा स्वागत किया गया। रात्रि में सिर्वी समाज धर्मशाला बसस्टैंड पर भोजन कराया गया। यात्रा ने रात्रि विश्राम गंधवानी में किया। सुबह 8 बजे गंधवानी की गलियों से निकली कावडय़ात्रा निकली तो पूरा गांव जयकारों से गूंज उठा। यात्रा में कावडि़ए कतारबद्ध चल रहे थे, तो कुछ कावडि़ए शिव, पार्वती की वेशभूषा में नजर आए। सिर्वी मोहल्ला से जबरेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग पर नर्मदा जल चढ़ाकर शिवजी की आरती की गई। यहां प्रसादी वितरण हुआ।

डीजे की धुन पर निकली कावड़ यात्रा
घाटाबिल्लौद. इंडोरामा से चौथे सावन सोमवार कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में डीजे व ढोल व ताशों पर युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे। सदस्यों ने मां चंबल की पावन नगरी नीलकंठेश्वर मंदिर तक आई और जल चढ़ाया। घाटाबिल्लौद में यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसके साथ ही प्रसादी वितरित भी की गई। यात्रा लाखन चौधरी द्वारा निकली गई। यह जानकरी राज मारु और राजू सोलंकी ने दी।