
धरमपुरी. शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक स्कूल में चल रही अद्र्धवार्षिक परीक्षा के दौरान कक्ष में बैठे छात्र की एक शिक्षक ने पिटाई कर दी। छात्र की पीठ पर चोट का निशान भी उभर आया। छात्र ने घर जाकर पिता को इसकी सूचना दी। शिक्षक के अनुसार छात्र परीक्षा कक्ष में अनुशासनहीनता कर रहा था व बार-बार समझाने पर भी नहीं सुन रहा था। जिससे परीक्षा हॉल में बैठे अन्य विद्यार्थियों को व्यवधान हो रहा था। इसलिए छात्र को समझाने के लिए मामूली रूप से मारना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को स्थानीय शासकीय उत्कृष्ट उमावि के कक्ष क्रमांक 13 में मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं की पर्यावरण विषय की अद्र्धवार्षिक परीक्षा थी। इसके बाद प्रायोगिक परीक्षा भी होना थी। इसी दौरान कक्षा 10वीं के मॉडल स्कूल के छात्र यासीन पिता अमजद पठान की कक्ष में मौजूद शिक्षक वरिष्ठ अध्यापक सीताराम डावर ने पिटाई कर दी। छात्र ने तुरंत घर जाकर पिता अमजद पठान को बताया। छात्र के पिता ने स्कूल के प्राचार्य कक्ष में उत्कृष्ट की प्रभारी प्राचार्य अलका भदौरिया को उक्त घटनाक्रम की जानकारी दी। छात्र यासीन ने प्राचार्य को बताया कि परीक्षा कक्ष में कंपास बंद करने के दौरान बेंच की आवाज से नाराज होकर शिक्षक डावर ने मारपीट की। जांघ पर लात मारी, गाल पर थप्पड़ मारे और पीठ पर लकड़ी की सोटी भी मारी, जिससे निशान उभर आए। छात्र ने प्राचार्य को अपनी पीठ पर चोट का निशान भी बताया। इस पर प्राचार्य भदौरिया ने तत्काल शिक्षक डावर को प्राचार्य कक्ष में बुलाया। छात्र यासीन व उसके पिता अमजद की उपस्थिति में शिक्षक डावर ने प्राचार्य को बताया कि परीक्षा कक्ष में छात्र यासीन अनुशासनहीनता कर रहा था। समझाया तो बदतमीजी कर जवाब दे रहा था। परीक्षा कक्ष में 60 विद्यार्थी उपस्थित थे, जिन्हें परेशानी हो रही थी। इसलिए छात्र यासीन को अनुशासन में रखने के लिए मामूली मारना पड़ा। मैंने छात्र को जोर से नहीं मारा। इस पर प्राचार्य ने शिक्षक डावर को डांटते हुए भविष्य में किसी भी विद्यार्थी के साथ मारपीट नहीं करने की सख्त हिदायत दी। प्राचार्य ने छात्र यासीन को भी सख्त लहजे में अनुशासन में रहकर शिक्षकों का आदर करने की चेतावनी दी। विवाद शांत होने के बाद प्राचार्य द्वारा छात्र यासीन को प्रायोगिक परीक्षा दिलवाई गई।
यह कहती हैं प्राचार्य
मुझे पता चला है कि परीक्षा हॉल में परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल परीक्षा होना थी। छात्र यासीन द्वारा कंपास बॉक्स को जोर से पटकने की आवाज आई तो डयूटी पर मौजूद शिक्षक डावर ने मना किया। इसके बाद उक्त छात्र ने जोर से रिएक्ट किया। इस पर शिक्षक द्वारा मना करने के बाद भी छात्र नहीं माना। इस पर शिक्षक डावर ने छात्र पर हाथ-पैर चला दिए।
-अलका भदौरिया, प्रभारी प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय
दुर्भावना से नहीं मारा
परीक्षा कक्ष में कुछ बच्चे बात कर रहे थे। मस्ती भी कर रहे थे। उन्हें रोका तो छात्र यासीन मुंहजोरी कर रहा था। समझाने पर छात्र ज्यादा बिचक गया। अन्य बच्चे परीक्षा दे रहे थे। बार-बार समझाने पर भी छात्र नहीं समझा। इसलिए छात्र यासीन को समझाने के लिए मामूली सख्ती दिखाना पड़ी। छात्र को लात से मारने वाला आरोप गलत है। मैंने किसी दुर्भावना से छात्र को नहीं मारा।
-सीताराम डावर, वरिष्ठ अध्यापक
Published on:
17 Dec 2017 03:46 pm
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