
प्रदूषण के साथ शहर की आबोहवा हो रही दूषित, सबसे ज्यादा धुएं का असर
धार.शहर की सड़कोंं पर दौड़ लगाते हुए वाहन हर दम धुआं छोड़ रहे हैं। इस धुएं के कारण हवा में प्रदूषण का जहर फैल रहा है। जिससे लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। बड़े शहरों की तरह धार में भी प्रदूषण का खतरा बढऩे लगा है। पिछले दिनों शहर में एक्यआई प्रतिशत १२६ तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य स्थिति में हवा में एक्यआई १०० होना चाहिए। जबकि इससे ऊपर एक्यूआई प्रतिशत बढ़ाना खतरे से कम नहीं है। दीपावली पर पटाखे छोडऩे से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया था। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में कचरा जलाने और खेतों में पराली जलाने से भी धुआं होता है, जो हवा को दूषित करता है। उधर, लगातार बढ़ते प्रदूषण से आंखों में जलन सहित अस्थमा और एलर्जी के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हंैं। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य दिनों में सर्दी-खांसी होना आम बात है। लेकिन हर वर्ग के लोग इससे पीडि़त है, जो कही ने कही इशारा करते है कि शहर की आबोहवा लगातार बिगड़ रही है, जो चिंता का विषय है।
डीजल की जगह केरोसीन का उपयोग
पेट्रोल की तुलना में डीजल वाहन अधिक धुआं छोड़ते हैं। शहर में कई ऑटो चालकों द्वारा डीजल की जगह केरोसीन का उपयोग किया जा रहा है। इससे भी वाहन चलने पर धुआं अधिक मात्रा में होता है। जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेश गाभे के अनुसार वाहनों से निकलने वाला यह धुआं हवा के कणों के साथ हमारी श्वास नली में पहुंचकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
धुएं में पाए जाते है यह तत्व
विभिन्न प्रकार के धुआं में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर होते हैं। इसके अतिरिक्त एल्डिहाइड, एसिड गैसें, सल्फरडाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन आदि तत्व होते हंैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक होते हंै।
सावधानी रखना जरुरी
वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को दूषित करता है। यह हम सभी के लिए खतरनाक है। ऐेसे में सभी की जिम्मेदारी है कि वह प्रदूषण को फैलने से रोके। वाहनों की समय-समय पर जांच होना चाहिए।
राजेश गाभे, जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी पीथमपुर
Published on:
26 Nov 2023 09:26 pm
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