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कहां हुई ऐसी घटना की चालक का सिर धड से ही अलग हो गया

पीथमपुर के दो युवकों की मौत,एक का सिर धड से अलग

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धार

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Amit Mandloi

Feb 03, 2023

कहां हुई ऐसी घटना की चालक का सिर धड से ही अलग हो गया

कहां हुई ऐसी घटना की चालक का सिर धड से ही अलग हो गया

धार. किशनगंज थाना अंतर्गत ग्राम भाटखेडी के फाटे पर गुरुवार अलसुबह एक बजे सडक हादसा हो गया। हादसे में एक कार ट्राले के अंदर घुसते हुए पार हो गई। कार की छत उखडकर 15 फीट दूर गिरी।

कार चला रहे युवक का सिर धड से अलग हो गया। पीछे बैठे चार में से एक युवक भी मौत हो गई। दो युवक गंभीर है जिन्हें इंदौर रैफर किया है।
मंगलवार रात 11 बजे छत्रछाया से कमलेश, आलम, पृथ्वीराज, जीवन, लक्की, शिवपाल राऊ खाना खाने गए थे। लौटते वक्त भाटखेडी फाटे के पास एक ट्राला क्रॉसिंग लेते हुए राऊ की तरफ जा रहा था। इस दौरान राऊ तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार क्रमांक डीएल 2 सीए टी 8103 ट्राले मे जा घुसी। आसपास के लोगों ने बताया कि कार की स्पीड 100 से ऊपर थी, जो ट्राले को पार कर गई। टक्कर के बाद कार गडढे में जा गिरी। घटना में कार का ऊपरी हिस्सा उखडकर 15 फीट दूर चला गया । घटना में आलम पिता अब्दुल का सिर धड से अलग हो गया। पीछे बैठे पृथ्वीराज पिता दीपेंद्र सिंह पंवार पीथमपुर की भी मौके पर ही मौत हो गई। जीवन और लक्की गंभीर है। शिवपाल और कमलेश सीट के नीचे लेट गए जिससे दोनों को जरा भी खरोंच नहीं आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिवपाल के बयान ले लिए है। किशनगंज पुलिस ने बताया कि दोनों मृतकों का शव पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

आलम की अगले महीने शादी थी

मृतक के रहवासियों ने बताया कि आलम की अगले महीने शादी होने वाली थी। सारी रस्में पूरी हो चुकी थी। लेकिन घर खुशी आने से पहले ही उसके साथ हादसा हो गया। आलम की मोबाइल की दुकान थी। उसके चार भाई थे। मृतक पृथ्वीराज भी पांच दिन पहले ही पीथमपुर रहने आया था, वो भी मोबाइल की दुकान में काम करता था। दोनों का शव जब पीथमपुर आया तब हर आंख से आंसू छलक पडे।

आपबीती
मुझे धक्का देकर खुद मौत के मुँह मे समा गया आलम

मे और पांच दोस्त राऊ खाना खाने गए थे। गाड़ी आलम चला रहा था। उसने गाड़ी कुछ दिनों पहले ठीक ही सीखी थी। पहले भी उसके साथ कई बार साथ मे गए है। हम पीथमपुर वापस आ रहे थे तब कमलेश ने बोला कि मुझे घर छोड़ दो। हम उसे फकीर मोहल्ले छोड़ने जा रहे थे। गाड़ी स्पीड मे थी। इसी दौरान एक ट्राला भाटखेड़ी फाटे के पास कट वाले रास्ते से राऊ की और ले रहा था। ट्राला लंबा था। आलम गाड़ी को घुमा नही पाया और वो सीधे ट्राले के अंदर जा घुसा। आलम ने मुझे धक्का दे दिया जिससे मे सीट के नीचे आ गया और मेरी जान बच गई लेकिन खुद मौत के मुंह मे समा गया। गाड़ी ट्राले के पार होते हुए गड्ढे मे चले गई। हम सब की आँखे बंद हो गई। आँख खुली तब मंजर ख़ौफनाक था। आलम और पृथ्वीराज की म्रत्यु हो गई थी। पूरी कार खून से लथपथ थी। सभी को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुँचाया।
जैसा शिवपाल ने बताया