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15 जुलाई तक तैयार होगा नालछा ब्लॉक का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

पाटड़ी गांव में चल रहा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य, 25 लाख से अधिक होंगे खर्च

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धार

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Ramesh Vaidh

Jun 10, 2018

dhar news

15 जुलाई तक तैयार होगा नालछा ब्लॉक का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

धार/नालछा. क्लिंटन फाउंडेशन, ड्रिंकवेल व टाटा ट्रीटमेंट कंपनी के सहयोग से नालछा के समीप पाटड़ी गांव में फ्लोराइड युक्त पानी के ट्रीटमेंट के लिए प्लांट तैयार किया जा रहा है। इस पर करीब 25 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। वर्तमान में यहां स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। यहां काम कर रही कंपनी के सूत्रों के मुताबिक आगामी 26 जून तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का स्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा। मुख्य प्लांट को 15 जुलाई तक ऑपरेशन (शुरू) करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तैयार हो रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहे 6 पंचायतों के ग्रामीणों को 8 से 10 हजार लीटर पानी प्रतिदिन शुद्ध करके दिया जाएगा। क्लिंटन फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर राजेश श्रीवास्तव ने ‘पत्रिका’ को बताया कि नालछा ब्लॉक की मेघपुरा, मियापुर, दुकनिमाफी, शिकारपुरा, कछाल और अमखों पंचायतों के लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी पीने से निजात मिलेगी।

अन्य ब्लॉकों में भी इसी तरह का प्लांट लगाने की है योजना
प्रोग्राम ऑफिसर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि धार जिले के 12 ब्लॉक फ्लोराइड से दूषित भूमिगत जल से प्रभावित हैं। इस ब्लॉक में शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उपलब्ध पानी के परिणाम सामने आने पर अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह के प्लांट स्थापित किए जाएंगे। रेजिन तकनीकि पर आधारित लगने वाले प्लांट ग्रामीणों की जमीन पर डेवलप कर संचालित होने के बाद ग्रामीणों को इसका आधिपत्य (ऑनरशिप)में सौंप दिया जाएगा। इस प्लांट में लगने वाला व्यय कंपनी वहन करेगी। इस प्लांट से तैयार होने वाले शुद्धजल से मिलने वाला मुनाफा उस ग्रामीण को प्राप्त होगा, जिसकी जमीन पर प्लांट लगेगा। इसमें कंपनी की कोई हिस्सेदारी नहीं होगी।

कोलकाता और इंदौर से आएंगी मशीनरी
कंपनी के सूत्रों के मुताबिक 26 जून तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का मेन स्ट्रक्चर तैयार करते ही इसमें लगने वाली मशीनरी आना शुरू हो जाएंगी। मेन प्लांट के लिए मशीनरी कोलकाता से ड्रिंकवेल कंपनी भिजवाएगी। वहीं, कुछ जरूरी उपकरण इंदौर और धार से खरीदे जाएंगे।

इस तरह काम करेगा काम करेगा वाटर ट्रीटमेंट स्ट्रक्चर
जिस गांव में यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। वहां पानी का स्रोत पहले चिह्नित किया जाएगा। उस स्रोत से पानी लेकर 2000-2000 लीटर के बनाए गए टैंक में चढ़ा दिया जाएगा। इस प्लांट में प्रतिदिन 6 हजार लीटर पानी शुद्ध करने की क्षमता है। इन दोनों टैंक से पानी नीचे आता है और नीचे लगे फिल्टरों से होता हुआ एक 3000 लीटर के टैंक में एकत्र होता है। यह प्रोसेस दिन में दो या तीन बार होती है। शेष वेस्ट पानी पास ही बने शॉकपिट में चला जाता है। शुद्ध पानी नीचे लगी टंकी में आ जाता है। इस टंकी में नल लगे हुए होते हैं। इन नलों के माध्यम से प्रति व्यक्ति 2 लीटर आरओ का पानी दिया जाएगा। यानि अगर पांच लोगों का परिवार है तो उस परिवार को केवल पीने के उपयोग के लिए 20 लीटर पानी एक कैन में दिया जाएगा। प्लांट के संचालन के लिए 6 पंचायतों का रूट चार्ट तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अलग-अलग दिनों में पानी शुद्ध करके पहुंचाया जाएगा।