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मंडी रोड पर गुत्थमगुत्था होते रहे वाहन, दो घंटे जाम लगने से आवागमन बाधित

त्योहार और चुनाव के बाद बढ़ रही मंडी में आवक, यातायात व्यवस्था बेपटरी

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धार

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rishi jaiswal

Nov 22, 2023

मंडी रोड पर गुत्थमगुत्था होते रहे वाहन, दो घंटे जाम लगने से आवागमन बाधित

मंडी रोड पर गुत्थमगुत्था होते रहे वाहन, दो घंटे जाम लगने से आवागमन बाधित

धार. जिले की सबसे बड़ी मंडियों में से एक धार कृषि उपज मंडी में सायोबीन की आवक बढ़ गई है। चुनाव और दीपावली के कारण इस बार सीजन की शुरूआत में आवक कम थी। लेकिन सोमवार से जब मंडी दोबारा खुली तो बंपर आवक हो रही है। सीजन की आवक को देखते हुए मंडी में व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही है। एक तरफ अतिक्रमण तो दूसरी तरफ बिना प्लॉङ्क्षनग के लिए मंडी में वाहनों की आवाजाही जारी है। इस कारण किसानों के साथ क्षेत्र के लोगों को भी काफी परेशान होना पड़ रहा है। मंगलवार को दिनभर वाहन गुत्थमगुथा होते रहे। इससे करीब दो घंटे तक मंडी रोड पर जाम और आवागमन बाधित रहा। हालांकि जाम के चलते प्रतिदिन विवाद भी हो रहे हैं। देर शाम तक मंडी अधिकारियों को ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए मशक्कत करना पड़ी।

छोटा पडऩेे लगा प्रांगण
मंडी प्रांगण छोटा होने से यहां वाहनों के खड़े रहने की जगह नहीं होती। ऐसे में दो दिन से आवक बढऩे के बाद अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉली रोड पर ही खड़े रहे। देखते-देखते वाहनों की कतार लग गई। नीलामी के दौरान जो ट्रॉली बाहर जा रही है, उसी वक्त उपज लेकर दूसरे किसान मंडी पहुंचते हैं। इस स्थिति में मंडी गेट और रोड दोनों जाम हो गया। इससे व्यापारी भी परेशान हैं। तुलाई से लेकर मंडी में आने-जाने का मेन गेट जाम की भेंट चढ़ जाता है। एक-दो घंटे इस तरह की स्थिति बनी रहती है।

अतिक्रमण से परेशानी
मंडी रोड पर सबसे बड़ी परेशानी अतिक्रमण है। अधिकारियों का ढुलमुल रवैया इस अतिक्रमण को सालों से बढ़ता आ रहा है। भोजशाला चौकी से लेकर छतरी तिराहे तक रोड पर मंडी में सीजन के वक्त ट्रैफिक का काफी दबाव रहता है। इन दोनों ही तिराहों से किसान वाहन लेकर मंडी पहुंचते है। भोजशाला चौकी से मंडी प्रागंण के गेट तक सडक़ काफी चौड़ी है।
लेकिन अवैध पार्किंग, दुकानों का सामान और बेतरतीब वाहनों के खड़े होने के कारण इस चौड़ी सडक़ के बावजूद ट्रैफिक की सबसे खराब स्थिति यहीं रहती है। लोग जहां-तहां वाहन खड़े करते है। इस कारण ट्रैफिक जाम लगता है।

वाहनों के लिए कोई प्लानिंग नहीं
अनाज मंडी में हर बार रबी और खरीफ सीजन की खरीदी से पहले प्रशासन की तरफ से ट्रैफिक प्लाङ्क्षनग बनाया जाता है। बीते कुछ सालों में इस प्लानिंग नहीं का असर भी देखने को मिला है। जिससे व्यवस्थाएं सुधरी थी। लेकिन इस बार न तो कोई प्लाङ्क्षनग है और न ही आगे किसी तरह की व्यवस्था की गई है। इस कारण किसान सहित रहवासी भी परेशान है। जबकि पिछले साल उपज लेकर आने वाले वाहनों के लिए रात का वक्त तय किया गया था, ताकि मंडी खाली होने के बाद उपज से भरे वाहन आसानी से एक क्रम में मंडी में प्रवेश पाएं। लेकिन इस बार इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा गार्ड की भी कमी है। ऐसे में यदि पुलिस की सहायता ली जाती है तो कुछ हद तक व्यवस्थाएं सुधर सकती है।

मंडी के पास तीन गेट, चालू सिर्फ एक
अनाज मंडी में वाहनों का आना-जान मुख्य गेट से ही होता है। जबकि मंडी प्रागंण में तीन गेट है। यह गेट पूरे साल बंद ही रहते है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ.साथ अनाज से भरे हुए ट्रक भी मुख्य गेट से ही निकलते हैं। जबकि दो गेट पर पूरे साल सिर्फ ताले लगे रहते हैं।

आवक बढऩे से आई समस्या
&मंडी में आवक बढऩे से व्यवधान पैदा हुआ है। व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। एक-दो दिन में झिरन्या गेट चालू कर देंगे। इसके अलावा छतरी के सामने वाहनों को रोककर रात्रि में इंट्री देंगे, ताकि मंडी रोड चालू रहे और लोगों को दिक्कत न हो।
केके नरगावे, मंडी सचिव, धार