
पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क तैयार होने से दस हजार युवाओंं को रोजगार मिलने की आस
धार. जिले की बदनावर तहसील में पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क को केंद्र से स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तैयार होने से जिले सहित आसपास क्षेत्र के दस हजार युवाओं को रोजगार मिलने की आस है। हालांकि यहां अभी जो जमीन चिन्हित की गई, उसके अधिग्रहण को लेकर अड़चन और विरोध हो रहा है। जिससे निर्माण शुरु नहीं हो सका। वहीं प्रशासन अपने स्तर पर तैयारी में जुटा है। जमीन के भू-अर्जन के लिए प्रभावितों को समझाइश देने के साथ मनाने का प्रयास हो रहा है। अधिकारिक सूत्रों की मानें प्रोजेक्ट के लिए भैंसोला के समीप ८८० हेक्टेयर जमीन देखी गई है। इसमें ७० प्रतिशत शासकीय और ३० प्रतिशत निजी है। शासकीय जमीन पर काम शुरू होने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन निजी क्षेत्र की कृषि भूमि और वहां बसे लोगों से जमीन खाली कराना आसान भी नहीं है।
पिछले दिनों वाघापाड़ा में प्रशासन द्वारा जमीन अधिग्रहण की भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से शिविर लगाया था। इसमें पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर वे सालों से खेती बाड़ी कर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं, उसे किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे। ग्रामीण तो इस बात पर अड़े हैं कि प्रोजेक्ट को निरस्त किया जाए। ऐसे में प्रशासन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीणों की नाराजगी को दूर करने के साथ प्रभावितों के उचित विस्थापना का मुद्दा है।
साढ़े तीन सौ से अधिक कंपनियों के आने की संभावना
टेक्सटाइल पार्क में देश के बड़े उद्योगपतियों के निवेश के साथ कंपनियों की फैक्ट्री खुलने की संभावना है। जिसके लिए जमीन का बड़ा हिस्सा अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक तकरीबन साढ़े तीन सौ कंपनियों लग सकती है। बता दे, जिले में पीथमपुर इंड्रस्टीयल एरिया में बड़ा नाम है, जो पूरे एशिया में प्रसिद्ध है। लेकिन इसका लाभ इंदौर सहित बाहरी राज्यों के श्रमिकों को मिल रहा है। वहीं पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क खुलने के बाद कॉटन उद्योगों लगने से रेडीमेट वस्त्र तैयार होंगे। इसमें स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिलने की संभावना है।
तीन साल तक चलेगा काम, २०२७ तक पूरा होगा
उद्योग के लिए चयनित जमीन पर टेक्सटाइल का काम यदि आज के समय शुरू होता है, तो उससे तैयार होने में तीन साल का वक्त लेगा। इस हिसाब से २०२७ तक पूरा होगा। उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार के कार्याकाल में तत्कालीन उद्योग मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव के समय पीएम टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी मिली थी।
प्रशासन के सामने तीन बड़ी चुनौती
-जमीन अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा देना।
-प्रभावितों का विस्थापना।
-विरोध कर रहे लोगों को मनाना।
कलेक्टर प्रियंका मिश्रा से सीधी बात
्रप्रश्न:-पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है?
कलेक्टर:-पिछले दिनों अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें चयनित जमीन के भू-अर्जन के निर्देष दिए हैं।
प्रश्न:-कुछ ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें कैसे मनाया जाएगा?कलेक्टर:-प्रोजेक्ट आने से हजारों लोगों को रोजगार मिलना शुरु होगा। भविष्य में बहुत सारे लाभ मिलेंगे। अभी हमने पहला कैंप लगाया था। लगातार प्रयास करेंगे।
प्रश्न:- प्रभावितों के मुआवजा और विस्थापना की क्या योजना है?
कलेक्टर:- प्रशासन जमीन अधिग्रहण देगा। सेंट्रल गवर्मेंट की गाइडलाइन से प्रभावितों को मुआवजा दिया जाएगा। विस्थापना की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
फैक्ट फाइल...
-८८० हेक्टेयर का किया जाएगा अधिग्रहण
-३५० कंपनियोंं के आने की संभावना
-१० हजार लोगो को रोजगार मिलने की संभावना
-दो हजार की आबादी होगी प्रभावित
Published on:
02 Jan 2024 08:48 pm
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