1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ashwamedha Yagya: अश्वमेध यज्ञ किसे कहते हैं, क्या है इसका महत्व

Ashwamedha Yagya:अश्वमेध यज्ञ चक्रवर्ती सम्राट बनने के लिए किया जाता है। इस यज्ञ को वही राजा करते हैं जिनको अपने शक्ति और पराक्रम पर पूर्ण भरोसा होता है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Sachin Kumar

Dec 13, 2024

Ashwamedha Yagya

Ashwamedha Yagya

Ashwamedha Yagya: सनातन धर्म में हवन, यज्ञ और पूजा पाठ का बड़ा महत्व है। इसका उल्लेख हमारे ग्रंथों ऋग्वेद, रामायण और महाभारत में भी मिलता है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले यज्ञ या हवन जरूर किया जाता है। तभी वह कार्य पूर्ण और सफल होता है। लेकिन क्या आपने अश्वमेध यज्ञ बारे में जानते हैं? इसे क्यों किया जाता है और इसका महत्व क्या है?

देवयज्ञ से होती है शुरूआत

अश्वमेध यज्ञ एक प्राचीन वैदिक यज्ञ है। यह यज्ञ मुख्यरूप से राजाओं के द्वारा किया जाता था। इसमें सबसे पहले देवयज्ञ की जाती है। इसके बाद अश्व यानि घोड़े की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस यज्ञ में घोड़े के सिर पर जयपत्र बांध कर छोड़ दिया जाता है। वह घोड़ा पूरी पृथ्वी पर जहां तक जाता वहां तक राजा का साम्रराज्य हो जाता है।

चक्रवर्ती बनने के लिए क्या जाता है अश्वमेध

यदि कोई अन्य राजा इस घोड़े को बंदी बना लेता है तो उसको यज्ञकर्ता राजा की सेना से युद्ध लड़ना होता है। माना जाता है कि अश्वमेध यज्ञ वही राजा करता है जिसको अपनी शक्ति और पराक्रम पर भरोसा होता है। क्योंकि यज्ञकर्ता राजा को अश्व को बंदी बनाने वाले राजा से युद्ध जीत कर आगे बढ़ना होता है। अगर यज्ञकर्ता राजा किसी अन्य राजा से युद्ध में पराजित होता है तब भी अश्वमेध यज्ञ सफल नहीं होता। यह यज्ञ तभी सफल माना जाता है जब अश्व पूरे भूमंडल में निर्भीक होकर घूमे। उससे पूरी पृथ्वी पर कोई रोके नहीं। इसके आधार पर ही राजा को चक्रवर्ती सम्राट कहलाता है।

अश्वमेध यज्ञ का महत्व

सामराज्य का विस्तार- मान्यता है कि अश्वमेध यज्ञ के जरिए राजा अपने साम्राज्य का विस्तार करते हैं।

राजनीतिक प्रभुत्व- इस यज्ञ से राजा की राजनीतिक स्थिति और उसके बाहुबल का पता चलत है।

धार्मिक और सामाजिक प्रतिष्ठा- अश्वमेध यज्ञ करने से राजा को धार्मिक और सामाजिक मान्यता मिलती है।

यह भी पढ़ें-जानिए कब है अन्नपूर्णा जयंती, क्या है इसका महत्व

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।