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भंडारे में भोजन किसे करना चाहिए और कब, पुरोहितों से जानिए जवाब

आपमें से हर किसी ने कभी-कभी न कभी भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया होगा, लेकिन क्या आपको पता है भंडारे में भोजन के कुछ नियम हैं, नहीं मालूम तो यहां जानिए पुरोहितों से इसका जवाब...

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Pravin Pandey

Apr 29, 2023

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हिंदू धर्म में भंडारे को पुण्यकार्य माना जाता है। इससे तमाम लोग अक्सर बड़े भंडारों का आयोजन करते हैं। कई बार तो संपन्न लोग इतने बड़े भंडारों की व्यवस्था करते हैं कि उसमें एक साथ कई-कई हजार लोग साथ भोजन करते हैं। लेकिन तमाम लोग भंडारों में भोजन करने से बचते भी हैं और यहां प्रसाद ले लिया तो कुछ सहयोग करने की कोशिश करते दिखते हैं, क्या आपको पता है ऐसा क्यों तो यहां जानिए अपने सवाल का जवाब..

इसलिए भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने से बचते हैं लोग
पुरोहितों के अनुसार अक्सर भंडारा पूजा के प्रसाद के रूप में किया जाता है, इसलिए इसका प्रसाद ग्रहण करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन कई बार संपन्न लोग मंदिरों के आसपास गरीब और असहाय लोगों को भोजन कराने के लिए भंडारे का आयोजन करते हैं। यानी ऐसे लोग जो भोजन जुटाने में अक्षम हैं, उनके भोजन की व्यवस्था के निमित्त इन भंडारों का आयोजन करते हैं।


ऐसे में संपन्न होकर आपने यदि भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर लिया तो आप किसी गरीब, असहाय का हिस्सा ग्रहण कर लेते हैं। इससे आप पाप के भागी बन सकते हैं।

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संपन्न होकर भंडारे का प्रसाद लेने पर करें यह काम
पुरोहितों के अनुसार अगर आप संपन्न हैं और अपना भोजन जुटाने में सक्षम हैं, और प्रसाद के निमित्त या और किसी वजह से आपने गरीबों के लिए आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर लिया तो आपको वहां कुछ सहयोग करना चाहिए। यहां आप अपनी क्षमता के अनुसार कुछ मदद करें। ऐसा भी कर सकते हैं कि भंडारे में सेवा कार्य करें। सेवा कार्य का डबल फायदा होगा, एक तो भंडारे में भोजन का पाप नहीं लगेगा, दूसरे गरीबों, असहायों की सेवा में मदद देकर पुण्यफल के भागी बन जाएंगे।