16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चैत्र मास में गुड़ी पड़वा से केवल 30 दिनों तक नीम की इतनी पत्तियां खाने के अद्भूत लाभ- पढ़े पूरी खबर

चैत्र मास में गुड़ी पड़वा से केवल 30 दिनों तक नीम की इतनी पत्तियां खाने के अद्भूत लाभ- पढ़े पूरी खबर

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Apr 01, 2019

chaitra maas

चैत्र मास में गुड़ी पड़वा से केवल 30 दिनों तक नीम की इतनी पत्तियां खाने के अद्भूत लाभ- पढ़े पूरी खबर

6 अप्रैल 2019 दिन चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि यानी की शनिवार से गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष का आरंभ होगा, आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों के आगमन के साथ ही मौसम के इस बदलाव के दौर में स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूर देने चाहिए । इसलिए हमारे ऋषियों ने चैत्र मास के 30 दिनों तक कड़वे स्वाद वाली नीम के कम से कम 5 पत्ते एवं अधिक से अधिक 108 पत्तियां खाने को कहा है कि जो भी चैत्र मास में नीम की पत्तियों का सेवन करेगा पूरे साल भर सैकड़ों बीमारियों से दूर रहेगा । जाने नीम के फायदे ।


चैत्र मास यानी मार्च-अप्रैल केे माह में लगातार 30 दिनों तक नीम की पत्तियों का सेवन से अनेक बीमारियों का खात्मा हो जाता है और उत्तम स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है-

- चैत्र मास में नीम की पत्तियों का सेवन करने से त्वाचा के कई सुक्ष्म रोग स्वतः ही नष्ट हो जाते है ।
- चैत्र मास में सुबह-सुबह नीम की पत्ती चबाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है ।
- चैत्र मास में सुबह उठकर नीम की पत्ती चबाने से कैंसर और हॉर्ट अटैक का खतरा भी कम होता है ।
- चैत्र मास में नीम की पत्तियां खाने से साल भर पाचन क्रिया मजबूत रहती है ।
- चैत्र मास में नीम के डंठल से दातुन करने से दातों में मौजूद कीटाणु खत्म हो जाते हैं ।


- चैत्र मास में नीम की पत्तियों को उबालकर, पूरी तरह से ठंडाकर इससे दिन में तीन बार आंखें धोने से आंखों की रोशनी अच्छी होने लगती है ।
- चैत्र मास में बदलते मौसम में होने वाले गले में दर्द का भी नीम की पत्तियों का सेवन से दूर हो जाता है ।
- अगर चैत्र मास में डायबिटीज के मरीज नीम की पत्तियों का सेवन करते है तो फायदा होता है ।
- नीम के पत्ते और मकोय के फलों का रस समान मात्रा में लेकर पलकों पर लगाने से आंखों का लालपन दूर हो जाता है ।


- पानी में थोड़ी सी नीम की पत्तियां डालकर नहाने से भी घमौरियां दूर हो जाती है ।
- बवासीर जैसे कष्टकारी रोग के इलाज के लिए नीम तथा कनेर के पत्ते की समान मात्रा लेकर प्रभावित अंग में लेप लगाने से एक हप्ते में कष्ट कम होता जाता है । नीम के पत्तों तथा मूंग दाल को हल्के से तेल के साथ तलकर बवासीर के रोगी को खिलाने ठीक हो जाता है ।
- मलेरिया में नीम के तने की अन्दर की छाल को कूटकर कांसे के बर्तन में पानी के उबालने के बाद ठंडा होने पर इस पानी को दिन में तीन बार मलेरियाग्रस्त रोगी को दिया जाए तो मलेरिया दूर हो जाता है ।