
Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी कल, जानें भगवान को सुलाने के लिए पढ़ते हैं कौन सा मंत्र
Devshayani Ekadashi: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस दिन से 4 माह भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाएंगे। इसी कारण चार माह तक शुभ कार्य नहीं होते। इस समय से चातुर्मास भी शुरू होता है। इस साल देवशयनी एकादशी 17 जुलाई को है। इस दिन पूजा अर्चना कर भगवान विष्णु को विशेष मंत्रों के सुलाया जाता है। आइये जानते हैं हरिशयनी एकादशी विशेष मंत्र और पूजा विधि …
ये भी पढ़ेंः
सत्यस्थ: सत्यसंकल्प: सत्यवित् सत्यदस्तथा।
धर्मो धर्मी च कर्मी च सर्वकर्मविवर्जित:।।
कर्मकर्ता च कर्मैव क्रिया कार्यं तथैव च।
श्रीपतिर्नृपति: श्रीमान् सर्वस्यपतिरूर्जित:।।
सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम।
विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत सर्वं चराचरम।
भक्तस्तुतो भक्तपर: कीर्तिद: कीर्तिवर्धन:।
कीर्तिर्दीप्ति: क्षमाकान्तिर्भक्तश्चैव दया परा।।
Updated on:
16 Jul 2024 04:25 pm
Published on:
16 Jul 2024 04:24 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
