
CG News: 65 लाख का स्कूल दो साल में खंडहर, प्राचार्य सस्पेंड, सरपंच पर होगी FIR(photo-patrika)
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश महोत्सव भारत का एक प्रमुख पर्व है, जिसे पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। खासकर महाराष्ट्र और गुजरात में इसकी भव्यता देखते ही बनती है। भगवान गणेश को रिद्धि-सिद्धि का दाता और विघ्नहर्ता माना जाता है। यही कारण है कि भक्त दस दिनों तक घरों, मंदिरों और पंडालों में गणपति की स्थापना कर पूरे श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान चारों ओर गणपति बप्पा मोरिया की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना देती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त 2025 को दोपहर 01:54 बजे से शुरू होगी और 27 अगस्त 2025 को दोपहर 03:44 बजे समाप्त होगी। इसी वजह से गणेश चतुर्थी और गणेश स्थापना का पर्व 27 अगस्त 2025, बुधवार को मनाया जाएगा। गणेश उत्सव का समापन 10 दिन बाद अनंत चतुर्दशी पर होगा, जो इस साल 6 सितंबर को पड़ेगी। इसी दिन भक्त गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं और अगले वर्ष पुन आने की प्रार्थना करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार गणेश जी की स्थापना के लिए मध्याह्न काल सर्वोत्तम माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी समय गणपति जी का प्राकट्य हुआ था। इस बार स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:40 बजे तक रहेगा।
इस साल की गणेश चतुर्थी बेहद खास है, क्योंकि यह बुधवार के दिन आ रही है। साथ ही इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जैसे शुभ योग, शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग इसके अलावा हस्त नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र का संयोग भी इस दिन को और अधिक मंगलकारी बना रहा है।
सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करते हुए गणपति जी का ध्यान करें। मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराकर वस्त्र और आभूषण पहनाएं। भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, दूर्वा घास, सिंदूर और लाल फूल अर्पित करें। अंत में पूरे परिवार के साथ आरती करें और भक्तिभाव से पूजा संपन्न करें।
Updated on:
18 Aug 2025 06:10 pm
Published on:
18 Aug 2025 06:10 pm
