
रविवार के दिन इस मंत्र के जप से होती है हर मनोकामना पूरी
रविवार का दिन सूर्य भगवान और माँ गायत्री की पूजा उपासना का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन गायत्री मंत्र का जप करने से विद्या, बुद्धि और सदज्ञान की प्राप्ति के साथ अनेक मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। रविवार के दिन गायत्री मंत्र के जप के बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने से सभी कार्य सिद्ध होती है। ऋग्वेद में गायत्री महामंत्र का उल्लेख आता है कि इसे जपने या उच्चारण करने से जीवन प्रखर व तेजोमय बनता है। अगर कोई व्यक्ति इस महामंत्र को जीवन का एक अनिवार्य अंग बनाकर जप करते हैं तो उसके जीवन के सारे अभाव दूर हो जाते हैं एवं सफलता, समृद्धि और सिद्धि का स्वामी भी हो जाता है। प्रकाशपुंज वेदमाता गायत्री का मंत्र गायत्री मंत्र।
गायत्री महामंत्र
।। ॐ भूर्भुवः स्वःतत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।।
गायत्री महामंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या- इस मंत्र के पहले 9 शब्द ईश्वर के दिव्य गुणों की व्याख्या करते हैं।
1- सुबह बिस्तर से उठते ही अष्ट कर्मों को जीतने के लिए 8 बार गायत्री महामंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
2- सुबह सूर्योदय के समय एकांत पूजा में बैठकर से 3 माला या 108 बार नित्य जप करने से वर्तमान एवं भविष्य में इच्छा पूर्ति के साथ सदैव रक्षा होती है।
3- भोजन करने से पूर्व 3 बार उच्चारण करने से भोजन अमृत के समान हो जाएगा।
4- हर रोज घर से पहली बार बाहर जाते समय 5 या 11 बार समृद्धि सफलता, सिद्धि और उच्च जीवन के लिए उच्चारण करना चाहिए।
5- किसी भी मन्दिर में प्रवेश करने पर 12 बार परमात्मा के दिव्य गुणों को याद करते हुये गायत्री मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
6- अगर छींक आ जाए तो उसी समय 1 बार गायत्री मंत्र का उच्चारण करने से सारे अमंगल दूर हो जाते हैं।
7- रोज रात को सोते समय 11 बार मन ही मन गायत्री मंत्र का जप करने से 7 प्रकार के भय दूर हो जाते हैं, एवं दिन भर की सारी थकान दूर होते ही गहरी नींद आ जाती है।
मंत्र जप के बाद करें यह काम
गायत्री महामंत्र को सूर्य देवता की उपासना साधना के लिये भी प्रमुख माना जाता है। इसलिए इसका जप या उच्चारण करते समय भाव करें कि- हे प्रभु आप हमारे जीवन के दाता है, आप हमारे दुख़ और दर्द का निवारण करने वाले है, आप हमें सुख़ और शांति प्रदान करने वाले है, हे संसार के विधाता हमें शक्ति दो कि हम आपकी ऊर्जा से शक्ति प्राप्त कर सके और आपकी कृपा से हमारी बुद्धि को सही राह प्राप्त होने लगे। निर्धारित संख्या में मंत्र जप के बाद उगते सूर्य को अर्घ्य देने से सभी कार्य पूरे हो जाते हैं।
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Published on:
11 Apr 2020, 6:18 PM IST
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