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Bada Mangal 2026 : 2007 के बाद पहली बार ऐसा योग, 4 नहीं, 8 मंगलवार! जानें क्यों खास है ज्येष्ठ महीना

Bada Mangal 2026 : ज्येष्ठ मास 2026 में अधिक मास के कारण 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानें तिथियां, पूजा विधि, महत्व, कथा और क्या करें-क्या न करें।

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भारत

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Manoj Vashisth

Apr 28, 2026

Bada Mangal 2026

Bada Mangal 2026 : ज्येष्ठ मास 2026: 8 बड़े मंगल कब-कब पड़ेंगे? नोट करें सभी डेट्स (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

Bada Mangal 2026 : हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है, जिन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 इस दृष्टि से अत्यंत खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक चलेगा और अधिक मास के कारण यह अवधि सामान्य से बढ़कर 59 दिनों की हो जाएगी।

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इसी अद्भुत खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग के चलते इस वर्ष भक्तों को 4 या 5 नहीं, बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल के पावन अवसर प्राप्त होंगे, जो हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माने जा रहे हैं।

ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 2007 में देखने को मिला था। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में बजरंगबली अपने वृद्ध स्वरूप में भक्तों के दुख-दर्द हरते हैं और उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का आशीर्वाद देते हैं। जो श्रद्धालु इस पावन समय में हनुमान जी की विधिवत पूजा, सेवा और भक्ति करते हैं, उन्हें विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ (जेठ) महीने में पड़ने वाले मंगलवार का महत्व कई गुना अधिक माना गया है। इन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। इन खास दिनों में बजरंगबली के वृद्ध स्वरूप की पूजा करने का विधान है। भक्त इस दिन मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं और जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है।

क्यों बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?

आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में 4 या 5 मंगलवार होते हैं, लेकिन इस बार अधिक मास यानी पुरुषोत्तम माह के चलते बुढ़वा मंगल की अवधि बढ़ गई है। जब भी ज्येष्ठ के महीने में अधिक माह का संयोग बनता है, तो मंगलवारों की संख्या बढ़ जाती है। इससे पहले ऐसा अद्भुत संयोग 19 साल पहले देखा गया था। इस महासंयोग में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को आठ गुना फल प्राप्त होगा और कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलेगी।

बड़े मंगल की पौराणिक कथा और महत्व

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का पहली बार मिलन हुआ था। इसी पावन संयोग के कारण इस माह के हर मंगलवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि बुढ़वा मंगल के दिन भगवान राम और हनुमान जी की उपासना करने से भक्तों को दोनों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है।

बड़ा मंगल 2026 | Bada Mangal 2026

क्रम संख्याबड़ा मंगलतारीख
1प्रथम बड़ा मंगल5 मई 2026
2द्वितीय बड़ा मंगल12 मई 2026
3तृतीय बड़ा मंगल19 मई 2026
4चतुर्थ बड़ा मंगल26 मई 2026
5पंचम बड़ा मंगल2 जून 2026
6छठा बड़ा मंगल9 जून 2026
7सातवां बड़ा मंगल16 जून 2026
8आठवां बड़ा मंगल23 जून 2026

सेवा और उपासना का दिन

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि श्रद्धा और उपासना का पावन दिन ज्येष्ठ माह के 'बड़े मंगल' पर हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। इस दिन पवनपुत्र को सिंदूर और चोला अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना भक्तों के लिए विशेष फलदायी और मानसिक शांति देने वाला माना जाता है।

क्या करें और क्या न करें

भंडारा: इस दिन विशेष रूप से शरबत और पूड़ी-सब्जी का भंडारा (प्रसाद वितरण) किया जाता है।.
पूजा विधि: ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की आराधना (हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर, चोला चढ़ाना) से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
दानः पानी से भरे घड़े, छाता, सत्तू, पंखे और चरण पादुका का दान करें।
भोजनः सात्विक भोजन करें और दोपहर में सूर्य की तपिश से बचें।
वर्जित कार्यः इस महीने में दिन में सोने की मनाही है और दोपहर में यात्रा न करें, इसके साथ ही तामसिक भोजन से बचना चाहिए।

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