
Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai : निर्जला एकादशी 2026: तारीख, पारण समय, व्रत विधि और फायदे (फोटो सोर्स: AI@Gemini)
Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत मन, शरीर और आत्मा को ताजगी देने वाला माना गया है। पूरे साल में कुल 24 एकादशी आती हैं, लेकिन निर्जला एकादशी को सबमें सबसे खास मानते हैं। ये व्रत बाकी एकादशियों से ज्यादा कठिन है और पुण्य भी सबसे ज्यादा मिलता है।
अगर आप हर एकादशी का व्रत नहीं रख पाते, तो बस निर्जला एकादशी कर लें कहते हैं कि पूरे साल की एकादशियों जितना पुण्य मिलता है। अब जानते हैं इस व्रत की खासियत और 2026 में इसका सही समय क्या है।
नाम खुद ही साफ है “निर्जला” यानी बिना पानी के। बाकी एकादशियों में आप पानी या फल ले सकते हैं, मगर इस दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक पूरा उपवास चलता है, न खाना न पानी। ये व्रत ज्येष्ठ महीने की तपती गर्मी में आता है, जब बिना पानी के रहना असली परीक्षा लगती है ये संयम, आस्था और शरीर की परीक्षा है।
इस साल यह व्रत भीषण गर्मी के बीच गुरुवार, 25 जून 2026 को रखा जाएगा।
एकादशी तिथि शुरू: 24 जून 2026, सुबह 08:42 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून 2026, सुबह 10:39 बजे तक
व्रत खोलने (पारण) का समय: 26 जून 2026, सुबह 05:38 से 08:43 के बीच।
विशेष नोट: व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अनिवार्य है। 26 जून को द्वादशी दोपहर 12:52 पर समाप्त होगी।
रिलीजन के साथ-साथ, निर्जला एकादशी के पीछे साइंस भी है
बॉडी डिटॉक्स: 24 घंटे बिना कुछ खाए-पिए रहने से शरीर को रीसेट करने का मौका मिलता है। पाचन तंत्र को आराम, जहरीले तत्व बाहर जिसे आजकल डिटॉक्स बोलते हैं।
मानसिक मजबूती: जब इंसान खुद को कंट्रोल करता है तो उसकी इच्छा-शक्ति तेज हो जाती है।
जल के महत्व की याद: इतनी भीषण गर्मी में बिना पानी के रहना हमें दिखाता है, पानी की एक-एक बूंद कितनी कीमती है।
अंत में निर्जला एकादशी सिर्फ खाने-पीने से दूर रहने का दिन नहीं है। ये खुद को ईश्वर के सामने समर्पित करने का तरीका है, जो इंसान की गलतियों को मिटाता है, जीवन में सुख-शांति लाता है और मोक्ष का रास्ता खोलता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Updated on:
27 Apr 2026 06:37 pm
Published on:
27 Apr 2026 06:37 pm
