
May 2026 Planetary Transits : मई में बड़ा ग्रह परिवर्तन! 4 ग्रह बदलेंगे राशि, ये राशियां होंगी मालामाल (फोटो सोर्स: AI@Gemini)
Grah Gochar May 2026 : ज्योतिष की दृष्टि से वर्ष 2026 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अब मई का महीना ज्योतिष और ग्रहों की दृष्टि से बहुत ही खास रहने वाला है। इसी कड़ी में मई माह में 4 ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। वैदिक ज्योति शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी राशि बदलते हैं जिसके कारण हर एक माह में कोई न कोई ग्रह अपना राशि परिवर्तन करते हैं जिसे ज्योतिष में ग्रहों का गोचर कहते हैं।
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मई 2026 का महीना खगोलीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और दिलचस्प रहने वाला है। ग्रहों के गोचर की शुरुआत 11 मई से होगी, जब मंगल मेष राशि में प्रवेश करेंगे। 14 मई को शुक्र मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। 15 मई को सूर्य वृषभ राशि में आएंगे और उसी दिन बुध भी वृषभ में प्रवेश करेंगे। महीने के अंत में 29 मई को बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान शनि, गुरु, राहु और केतु अपनी वर्तमान स्थिति में स्थिर रहेंगे, जबकि चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलते रहेंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष के नजरिए से भी ये माह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस माह में 4 ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं। उनका कारण ग्रहीय दशा, गोचर, उनकी चाल है। सौरमंडल में बैठे ग्रह ही यह निर्धारित करते हैं कि आने वाला समय कैसा होगा और मनुष्य जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
ग्रहों के सेनापति मंगल 11 मई से अपनी स्वराशि मेष में गोचर करने वाले हैं जिससे रूचक राजयोग का निर्माण होगा। मंगल अपनी स्वराशि मेष में 20 जून तक विराजमान होंगे। मंगल के मेष राशि में गोचर करने से रूचक राजयोग का निर्माण होगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रूचक राजयोग को बहुत अधिक शुभ और प्रभावशाली माना जाता है।
यह रूचक राजयोग तब बनता है जब मंगल अपनी स्वराशि मेष या वृश्चिक राशि में, अपनी उच्च राशि मकर में होकर केंद्र के भाव में विराजमान होते है। रूचक राजयोग से व्यक्ति साहसी, प्रभावशाली और काफी ऊर्जावान बनता है। जिन लोगों की कुंडली में यह राजयोग बनता है वह व्यक्ति सेना, पुलिस, प्रशासन और खेल के क्षेत्र में ऊंचा और अच्छा मुकाम हासिल करता है।
14 मई 2026 को सुख, धन, रोमांस और वैभव के कारक माने जाने वाले 'शुक्र' ग्रह अपनी चाल बदलकर मिथुन राशि में गोचर करने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को बहुत ही शुभ फल देने वाला ग्रह माना गया है। मान्यताओं के अनुसार जिस व्यक्ति पर शुक्र देव मेहरबान हो जाएं, उसे रंक से राजा बनते देर नहीं लगती। वैसे तो शुक्र के इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा।
बुध ग्रह 15 मई की रात वृष राशि में गोचर करेंगे, जो शुक्र की राशि मानी जाती है और दोनों ग्रहों के बीच मित्रता का संबंध है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध वाणी, व्यापार, तर्कशक्ति, गणित और अर्थव्यवस्था के कारक हैं, इसलिए इस गोचर का प्रभाव इन क्षेत्रों के साथ सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि वृष में प्रवेश करते ही बुध सूर्य के साथ युति बनाकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण करेंगे, जिससे बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी।
सूर्य 15 मई 2026 को वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य के इस गोचर से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी। यह समय करियर और पद-प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल माना जाएगा। वृषभ राशि में सूर्य के गोचर के दौरान आपको अपने करियर और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। यह समय आपके आत्म-संप्रभुता को स्थापित करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त रहेगा।
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध 29 मई 2026 को मिथुन राशि में गोचर करेगा, जिससे फिर से तेज निर्णय क्षमता और नए अवसरों की स्थिति बनेगी। मिथुन राशि में बुध 22 जून तक रहेंगे। इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे और गुरु बृहस्पति के साथ युति करेंगे। इससे पहले बुध मिथुन राशि में शुक्र के साथ युति करके लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण करेंगे। ये राजयोग 8 जून तक बना रहेंगे। इसके बाद शुक्र कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
शुभ प्रभाव - मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन
अशुभ प्रभाव - वृष, सिंह, तुला और कुंभ
मिलाजुला प्रभाव - मेष कर्क, कन्या और धनु
व्यापार में तेजी आएगी। देश में कई जगह ज्यादा बारिश होगी। प्राकृतिक घटनाएं होगी। भूकंप आने की संभावना है। बस और रेलवे यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे। सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा।
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें। प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए। माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।
Updated on:
27 Apr 2026 02:18 pm
Published on:
27 Apr 2026 02:18 pm
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