
मां बगलामुखी
कौन हैं मां बगलामुखी
धर्म ग्रंथों के अनुसार मां बगलामुखी दस महाविद्या में से आठवीं देवी हैं। इनका नाम दो शब्दों बगला (संस्कृत के वल्गा) और मुखी से मिलकर बना है। वल्गा का शाब्दिक अर्थ अंकुश या लगाम होता है। इसलिए बगलामुखी का अर्थ हुआ वह देवी जो शत्रुओं को नियंत्रित करने और स्तंभित करने की शक्ति रखती हैं। स्तंभन (शांति से स्तब्ध और परास्त करने की शक्ति) और वशीकरण शक्तियों के कारण ही इन्हें स्तंभन की देवी भी कहा जाता है।
स्तंभन का यही दिव्य वरदान पाने के लिए नेता हो, व्यापारी हो या अभिनेता हो या आम आदमी मां बगलामुखी के दरबार में सिर नवाने पहुंचता रहता है और पूजा-आराधना करता है। मान्यता है कि बगलामुखी साधना करने से शत्रु को परास्त करने का आशीर्वाद मिलता है। न्यायिक विवादों में विजय और समस्त प्रकार की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त होती है। आइये जानते हैं माता को प्रसन्न करने के वशीकरण मंत्र..
मां बगलामुखी मूल मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ॐ नमः॥
1. एकाक्षरी बगलामुखी मंत्र
ह्लीं॥
2. त्रयाक्षर बगलामुखी मंत्र
ॐ ह्लीं ॐ॥
3. चतुराक्षर बगलामुखी मंत्र
ॐ आं ह्लीं क्रों॥
4. पंचाक्षर बगलामुखी मंत्र
ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥
5. अष्टाक्षर बगलामुखी मंत्र
ॐ आं ह्लीं क्रों हुं फट् स्वाहा॥
6. नवाक्षर बगलामुखी मंत्र
ह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः॥
7. एकादश अक्षर बगलामुखी मंत्र
ॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः॥
8. बगलागायत्री मंत्र
ह्लीं बगलामुखी विद्महे दुष्टस्तंभनी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
Updated on:
18 Feb 2024 10:05 pm
Published on:
18 Feb 2024 10:04 pm
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