
महाशिवरात्रि के दिन दिख जाये कोई अघोरी, तो दिखते ही कर लें ये काम, संवर जायेगी जिदंगी
कहा जाता हैं कि अघोरी बाबाओं के दर्शन अति दुर्लभ होते है, अघोरी शिवजी भक्त माने जाते हैं, अगर किसी साधरण मनुष्य को महाशिवरात्रि के दिन कहीं भी अचानक कोई अघोरी बाबा दिख जाये तो समझें उनकी किस्मत चमकने वाली हैं । इस दिन इनके दिखते ही कोई भी यह काम कर लेता हैं तो उस व्यक्ति का जीवन संवर जाता हैं । जानिए अघोरी बाबा के दिखने पर करना क्या है ।
अघोरी को कुछ लोग औघड़ भी कहते हैं, अघोरियों को डरावना या खतरनाक साधु समझा जाता है लेकिन अघोर का अर्थ है अ+घोर यानी जो घोर नहीं हो, डरावना नहीं हो, जो सरल हो, जिसमें कोई भेदभाव नहीं हो । अघोर विद्या सबसे कठिन लेकिन तत्काल फलित होने वाली विद्या मानी जाती है । अघोर विद्या के साधक तंत्राधिपित भगवान महाकाल की साधना करते हैं और ये कभी भी किसी से भेदभाव नहीं करता बल्कि सबको समभाव से देखता हैं । भारत में कुछ ऐसे प्रमुख तीर्थस्थल हैं जहां अघोर साधनाएं आज भी होती है और यहां इनके दर्शन भी कभी कभार हो जाते हैं । लेकिन जिनकों भी इनके दर्शन हो जाये तो तुरंत ही उनके चरणों में लेटकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम कर लें । अगर उन्होंने हाथ उठाकर आशीर्वाद दे दिया तो समझों उनका भविष्य एवं वर्तमान संवर जाता हैं ।
ऐसी मान्यता हैं कि जिनसे समाज घृणा करता है अघोरी उन्हें अपनाता है । लोग श्मशान, लाश, मुर्दे के मांस व कफन आदि से घृणा करते हैं लेकिन अघोरी इन्हें अपनाता है । अघोर विद्या व्यक्ति को ऐसा बनाती है जिसमें वह अपने-पराए का भाव भूलकर हर व्यक्ति को समान रूप से चाहता है, उसके भले के लिए अपनी विद्या का प्रयोग भी करता है ।
कहा जाता है कि महाकाल शिव के उपासक अघोरपंथ के लोग भारत भूमि मे केवल चार स्थानों पर ही श्मशान साधना करते हैं । चार स्थानों के अलावा ये लोग माता के शक्तिपीठों, बगलामुखी, काली और भैरव के मुख्य स्थानों के पास के श्मशान में साधना करते हैं ।
यहां होती हैं सबसे ज्य़ादा अघोर साधनाएं-
1- तारापीठ- कोलकाता की तारापीठ धाम शक्तिपीठ अघोर तांत्रिकों का तीर्थ कही जाती है ।
2- कामाख्या पीठ- असम राज्य के गुवाहाटी में मां कामाख्या पीठ भारत का सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां सबसे ज्यादा अघोर तांत्रिकों को देखा जा सकता है ।
3- रजरप्पा शक्तिपीठ- रजरप्पा में छिन्नमस्ता देवी का स्थान है और यहां अघोरी लोग सरल बनने की साधना करते है ।
4- चक्रतीर्थ- मध्यप्रदेश के उज्जैन में चक्रतीर्थ नामक स्थान और गढ़कालिका का स्थान अघोर तांत्रिकों का गढ़ माना जाता है ।
Published on:
27 Feb 2019 04:58 pm
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