
Kala Dhaga Benefits
Kala Dhaga Benefits: हिंदू धर्म में कई महिलाओं और पुरुषों को हाथ, पैर या गले में कुछ न कुछ पहने हुए देखा होगा। कुछ लोग अपने हाथ में कलावा बांधते हैं तो कुछ लोग कड़ा पहनते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो गले गले में तुलसी की माला पहनते हैं। इसी कड़ी में कुछ लोग अपने बाजू या पैर में काला धागा भी बांधते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पनने के पीछे धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय मान्यताएं जुड़ी हैं। आइए जानते हैं।
कई लोग काले धागे को फैशन के तौर पर भी पहनते हैं। आज के दौर में महिलाओं और युवाओं में यह ट्रेंड बन गया है। लेकिन ज्योतिष के अनुसार शुभ फल देने वाला होता है। मान्यता है जो लोग अपने पैर में काला धागा बांधते हैं उनके जीवन में नकारात्मक शक्तियों का असर नहीं होता साथ ही आर्थिक परेशानी से छुटकारा मिलता है। यह लोगों की बुरी नजर से बचाता है और व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान कराता है।
ज्योतिष के अनुसार काला रंग शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष है, तो पैर में काला धागा बांधने से उस दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। मान्यता है कि काला धागा बांधने वाले जातक को शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
कुछ लोग मानना है कि पैर में काला धागा बांधने से दर्द या किसी प्रकार की अन्य शारीरिक समस्याएं कम होती हैं। विशेषकर बच्चों को काला धागा पहनाने की परंपरा उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए की जाती है। क्योंकि इस दशा में कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि जवान व्यक्ति को किसी की नजर लग गई है। ज्योतिष में नजर दोष को लेकर बहुत कुछ बताया गया है। इस लिए काला धागा लाभकारी सिद्ध होता है।
ज्योतिष के अनुसार काला धागा नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसे पहनने वाले जातक को मानसिक शांति मिलती है साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
काले धागे को पहनने से पहले उसे मंत्रों के द्वारा सिद्ध कर लेना चाहिए। इसके बाद इसमें 9 गांठ लगानी चाहिए।
पुरुषों को इसे अपने दाएं हाथ और पैर में बांधना चाहिए। वहीं महिलाओं को बाएं हाथ और बांए पैर में पहनना शुभ माना गया है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
Updated on:
17 Dec 2024, 9:48 AM IST
Published on:
17 Dec 2024, 9:48 AM IST
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