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Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या पर पितरों के आशीर्वाद प्राप्ति के लिए, करें इन मंत्रों का जाप

Mauni Amavasya Kab Hai: मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन मौन रहकर ध्यान, जप और दान का विशेष महत्व होता है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।

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जयपुर

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Sachin Kumar

Jan 23, 2025

Mauni Amavasya 2025

मौनी अमावस्या पर मंत्र जाप

Mauni Amavasya 2025 Date: मौनी अमावस्या पर्व 29 जनवरी 2025 बुधवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। इस शुभ दिन पर लोग आत्मशुद्धि, पवित्र स्नान और पितरों के मोक्ष प्राप्ति के लिए उपासना करते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के मंत्र ।

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मौनी अमावस्या का दिन पितरों का पिंडदान और श्रद्धांजलि के लिए उत्तम समय माना जाता है। इस शुभ दिन पर लोग पवित्र नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती में स्नान करने का विधान है। मान्यता है कि जो लोग मौनी अमावस्या के दिन विधि पूर्वक पूजा करते हैं। उनको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य और मंत्र जप व्यक्ति को शुभ फल देते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

यह भी पढ़ें:मौनी अमावस्या पर इस विधि से करें व्रत और पूजा

पितरों के आशीर्वाद के लिए मंत्र जाप

ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः।

यह मंत्र पितरों को समर्पित होता है। इसका जाप करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। साथ

ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

इस मंत्र का जाप करते हुए पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें।


ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।

यह मंत्र ध्यान और शुद्धि के लिए बेहद प्रभावशाली है।

ॐ पितृदेवतायै च विद्महे जगत्पितृदेवतायै धीमहि।
तन्नः पितरः प्रचोदयात्।।

यह मंत्र पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए बहुत उपयोगी है।

मंत्र जाप की विधि

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

तांबे या चांदी के पात्र में गंगा जल भरें।

धूप-दीप जलाकर पितरों का ध्यान करें।

पवित्र आसन पर बैठकर मंत्रों का जाप करें।

अंत में तर्पण और दान करें।

मौनी अमावस्या पर दान का महत्व

मंत्र जाप के साथ-साथ इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, घी और पितरों की प्रिय वस्तुओं का दान करना शुभ होता है। यह न केवल पितरों की आत्मा को तृप्त करता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन से कष्टों का निवारण भी करता है।

मौनी अमावस्या पर किए गए मंत्र जाप और तर्पण कर्म पितरों की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए अचूक माने जाते हैं। इन उपायों से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख, शांति, व समृद्धि आती है। इस दिन मौन रहकर ध्यान और जप का पालन करना अत्यंत फलदायी होता है।

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डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।