
सावन में ग्रहबाधा और कार्य की सफलता के लिए इनसे करें शिवलिंग का अभिषेक
अगर किसी के घर में कोई ग्रहबाधा हो या तो किसी भी कार्य में बार बार असफलता मिल रही हो, ऐसे लोगों को सावन के इस पवित्र माह में भगवान शिव शंकर बाबा भोलेनाथ की शरण में अवश्य जाना चाहिए । उक्त समस्या से परेशान लोग सावन मास में सोमवार, मंगलवार या अमावस्या तिथि के दिन इन दो चीजों से शिवजी का विशेष अभिषेक करें, देवाधिदेव महादेव की कृपा से शीघ्र ही सभी समस्याएं दूर होने लगेगी ।
सरसों के तेल से करें अभिषेक
– ग्रहबाधा नाश हेतु भगवान शिव का सरसों के तेल से अभिषेक करें ।
– भगवान शिव के ‘प्रलयंकर’ स्वरुप का मानसिक ध्यान करें ।
– ताम्बे के पात्र में ‘सरसों का तेल’ भर कर पात्र को चारों और से कुमकुम का तिलक करें ।
– ॐ भं भैरवाय नम: का जप करते हुए पात्र पर कलावा बाधें ।
– पंचाक्षरी मंत्र ॐ नम: शिवाय” का जप करते हुए लाल फूलों की पंखुडियां अर्पित करें ।
– शिवलिंग पर सरसों के तेल की पतली धार बनाते हुए-रुद्राभिषेक करें ।
– अभिषेक करते हुए ॐ नाथ नाथाय नाथाय स्वाहा मंत्र का जप करते रहे ।
– शिवलिंग को शुद्ध जल से धोकर वस्त्र से अच्छी तरह से पौंछ कर साफ करने के बाद षौडषोपचार पूजन करें ।
चने की दाल से करें अभिषेक
– किसी भी शुभ कार्य के आरंभ होने व कार्य में उन्नति के लिए भगवान शिव का चने की दाल से अभिषेक करें ।
– भगवान शिव के ‘समाधी स्थित’ स्वरुप का मानसिक ध्यान करते रहे ।
– ताम्बे के पात्र में ‘चने की दाल’ भर कर पात्र को चारों और से कुमकुम का तिलक कर पूजन करें ।
– ॐ यक्षनाथाय नम: का जप करते हुए पात्र पर कलावा बाधें ।
– पंचाक्षरी मंत्र ॐ नम: शिवाय का जप करते हुए फूलों की कुछ पंखुडियां अर्पित करें ।
– शिवलिंग पर चने की दाल की धार बनाते हुए- रुद्राभिषेक करें ।
– अभिषेक करेत हुए -ॐ शं शम्भवाय नम: मंत्र का जप करें ।
– शिवलिंग को शुद्ध जल से धोकर वस्त्र से अच्छी तरह से पौंछ कर साफ करने के बाद षौडषोपचार पूजन करें ।
Published on:
01 Aug 2018 04:57 pm
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