अष्टमी के दिन इन 8 उपायों में से कर लें एक उपाय, माता रानी के आशीर्वाद से दूर होगा दुर्भाग्य

अष्टमी के दिन इन 8 उपायों में से कर लें एक उपाय, माता रानी के आशीर्वाद से दूर होगा दुर्भाग्य

Devendra Kashyap | Updated: 05 Oct 2019, 11:34:51 AM (IST) धर्म कर्म

भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां गौरी ने कठोर तप की थी।

नवरात्रि में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। मां दुर्गा के सभी 9 स्वरूपों की पूजा की अपनी-अपनी महत्ता है। 6 सितंबर को नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। इस दिन देवी महागौरी की पूजा होती है।

ये भी पढ़ें- दुर्गाअष्टमी का है बहुत अधिक महत्व, इस दिन करें महागौरी की पूजा, असंभव कार्य हो जाएंगे संभव

दरअसल, मां दुर्गा की 8वीं शक्ति का नाम महागौरी है। धार्मिका मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां गौरी ने कठोर तप की थी। तप के कारण इनका शरीर काला पड़ गया था। तप से प्रसन्न होकर जब भगवान शिव ने इन्हें दर्शन दिए तो, उनकी कृपा से इनका शरीर अत्यंत गोरा हो गया और इनका नाम गौरी हो गया।

ये भी पढ़ें- तीन नेत्रधारी माता कालरात्रि शनि को करेंगी शांत, ऐसे करें मां की उपासना

अष्टमी तिथि पर अगर आप अपना दुर्भाग्य दूर करना चाहते हैं तो कुछ उपाय करने होंगे। इसके लिए हम आपको आठ उपाय बताने जा रहे हैं। जिसे करने के बाद सौभाग्य बढ़ता है।

  1. नवरात्रि में अष्टमी की रात 12 बजे के बाद अपने घर के मुख्य दरवाजे पर शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसे करने से दुर्भाग्य दूर हो सकता है।
  2. अष्टमी के दिन दु्र्गा मंदिर में जाकर 8 कमल के फूल माता को अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
  3. अगर घर में सुख शांति चाहते हैं तो अष्टमी तिथि को दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या किसी योग्य पंडित से दुर्गा सप्तशती का पाठ करवाएं।
  4. अष्टमी तिथि को किसी कुंवारी ब्राह्मण कन्या को उसके पसंद के कपड़े दिलवाएं। इसके अलवा उसे कुछ उपहार भी दें।
  5. अष्टमी तिथि को 9 कन्याओं को अपने घर बुलाकर भोजन करवाएं। ध्यान रहे कि कन्याओं की 11 वर्ष से अधिक ना हो। कन्याओं को भोजन में खीर अवश्य खिलाएं और बालिकाओं को उपहार दें।
  6. अष्टमी तिथि को 11 सुहागिन महिलाओं को लाल चूड़ी और सिंदूर दें। ऐसा करने से घन लाभ के योग बनेंगे।
  7. अष्टमी तिथि को माता रानी को केले, अनार, सेव आदि का भोग लगाएं और गरीबों में बांट दें।
  8. अष्टमी तिथि को किसी देवी मंदिर में माता को श्रृंगार के सामान भेंट करें। ऐसा करने से परेशानियां कम होगी।
Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned