13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चिता की नहीं, इन 8 चीजों से मिलकर बनाई भस्म को लगाते ही साक्षात दर्शन देते हैं महाकाल शिव

इन 8 चीजों से मिलकर बनाई भस्म को लगाते ही साक्षात दर्शन देते हैं महाकाल शिव

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Mar 08, 2019

shiva bhasma puja

चिता की नहीं, इन 8 चीजों से मिलकर बनाई भस्म को लगाते ही साक्षात दर्शन देते हैं महाकाल शिव

कहा जाता हैं कि भगवान भूत भावन शिवजी को भस्म सबसे अधिक प्रिय होती है, सभी जानते भी हैं की उज्जैन में श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की आरती चिता की भस्म से की जाती हैं । लेकिन उससे भी ज्यादा प्रिय इन 8 चीजों से बनी भस्म शिवजी को प्रिय बताई जाती हैं, कहा जाता कि इस भस्म को लगाते ही महाकाल शिव जी शीघ्र प्रसन्न हो जाते है और अपने भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी करने में तनिक भी देर नहीं करतें । जाने आखिर किन 8 चीजों से बनी भस्म शिवजी को अत्यधिक प्रिय हैं ।

शास्त्रोंक्त मान्यता है कि इस भस्म को शुद्ध वातावरण में पूर्ण स्वच्छता के साथ घर पर ही बनाना चाहिए ।


इन 8 चीजों को मिलाकर बनाएं शिव भस्म-
1- गाय के गोबर कंडे
2- बिल्व वृक्ष की लड़की
3- शमी की लड़की
4- पीपल की लड़की
5- पलाश की लकड़ी
6- बड़ (बरगद) की लकड़ी
7- अमलता की लकड़ी
8- बेर वृक्ष की लकड़ी


उपरोक्त सभी वृक्षों की सुखी लकड़ियां एकत्रित करकें जलाकर भस्म बना लें । जब भस्म तैयार की जाये तो नीचे दिये गये मंत्र का उच्चारण तब तक करें जब तक भस्म बनकर तैयार न हो जाये । तैयार भस्म को शिवाग्नि कहा जाता हैं ।


मंत्र
।। ॐ अघोरेभ्यो अथ घोरेभ्यो घोर घोरतरेभ्यः सर्वतः सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररूपेभ्यः ।।

1- जब भस्म बनकर तैयार हो जाये तो उस भस्म का सफ़ेद भाग निकालकर अलग रख लें, यही सफ़ेद भाग (भस्म) पूजा में काम आता है ।


2- भगवान शिव के शिवलिंग पर तीन आड़ी रेखायें इस भस्म से बनायें, इसे त्रिपुण्ड्र कहते हैं ।


3- मध्यमा और अनामिका दो अँगुलियों से दो रेखायें खींचें और अंगूठे से बीच की रेखा विपरीत दिशा में खींचें ।


4- शिवजी को लगाने के बाद स्वयं भी शिव पञ्चाक्षर मंत्र "नमः शिवाय" का 3 बार उच्चारण करते हुए पहले मस्तक पर, दोनों भुजाओं पर, ह्रदय में एवं नाभि आदि इन पांच स्थानों पर त्रिपुण्ड्र अवश्य लगायें ।


5- अब शिवजी के सामने बैठकर इस मंत्र का ग्यारह सौ बार जपे । कहा जाता हैं की ऐसा करने से भगवान महाकाल स्वयं दर्शन देते हैं और सभी मनोकामनाएं भी पूरी कर देते हैं ।


बड़ी खबरें

View All

धर्म-कर्म

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग