
वैशाख पूर्णिमा कब है, इसे किन नाम से जाना जाता है।
Vaishakh Purnima par kya karen पूर्णिमा पर दान पुण्य, स्नान, धर्म-कर्म पूजा पाठ का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी, सूर्य नारायण की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु के तेइसवें अवतार माने जाने वाले महात्मा बुद्ध का अवतार भी इसी दिन हुआ था। इसलिए हर महीने आने वाली पूर्णिमा में वैशाख पूर्णिमा का सबसे अधिक महत्व है। यह पूर्णिमा सत्य विनायक पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जानी जाती है। आइये जानते हैं वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें और इस दिन तिल दान का क्या महत्व है।
पंचांग के अनुसार वैखाख पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 22 मई को शाम 6.49 बजे हो रही है और यह तिथि 23 मई को शाम 7.24 बजे संपन्न हो रही है। इसलिए उदयातिथि में वैशाख पूर्णिमा 23 मई गुरुवार को मनाई जाएगी।
वैशाख पूर्णिमा पर धर्मराज की पूजा करने का विधान है, इसलिए इस व्रत के प्रभाव से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण के बचपन के साथी सुदामा जब द्वारिका उनके पास मिलने पहुंचे थे, तो भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत का विधान बताया। इसी व्रत के प्रभाव से सुदामा की सारी दरिद्रता दूर हुई।
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पर व्रत और पुण्य कर्म करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन ये धार्मिक कर्मकांड करने चाहिए-
Updated on:
21 May 2024, 10:30 PM IST
Published on:
21 May 2024, 10:30 PM IST
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