
North door of dhumavati maa temple at pitambara peeth,North door of dhumavati maa temple at pitambara peeth,North door of dhumavati maa temple at pitambara peeth,North door of dhumavati maa temple at pitambara peeth,North door of dhumavati maa temple at pitambara peeth
मध्यप्रदेश के दतिया में स्थित मां पीतांबरा पीठ को देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ के रूप में माना जाता है।इस मंदिर में बगलामुखी देवी के रूप में भक्त मां पीतांबरा की आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी होने के साथ ही राजसत्ता की देवी भी कहलाती हैं। वहीं इसी मंदिर के प्रांगण में मौजूद मां धूमावती देवी के मंदिर को ही देश-दुनिया में भगवती धूमावती का एकमात्र मंदिर माना जाता है।
पीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर में बगलामुखी देवी, मां धूमावती देवी devi dhumavati temple के अलावा भगवान शिव को समर्पित वनखंडेश्वर मंदिर सहित अन्य बहुत से मंदिर भी बने हुए हैं। वहीं यहां बना वनखंडेश्वर मन्दिर महाभारत कालीन मंदिरों में अपना विशेष स्थान रखता है।
ऐसे में यहां बुधवार व शनिवार को आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है। वहीं अब अगले शनिवार यानि 26 मार्च से धूमावती माई के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को नए उत्तर द्वार से आना होगा। बगलामुखी देवी और दूसरे मंदिरों पर आने वाले लोगों के लिए रास्ते खुले रहेंगे
उत्तर द्वार इसलिए किया गया तैयार
ज्ञात हो कि केवल शनिवार को ही माई धूमावती के दर्शन होने से इस दिन यहां आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में शनिवार को कई बार यहां आने वाले भक्तों की संख्या 30 से 40 हजार तक पहुंच जाती है। ऐसे में भक्तों को माई के आसानी से दर्शन हो सकें इसी को देखते हुए नया उत्तर द्वार तैयार किया गया है। इस उत्तर द्वार का बुधवार, 23 मार्च 2022 की दोपहर 1 बजे मंत्र उच्चारण कर विधि-विधान से पूजन किया गया।
मंदिर कमेटी के अनुसार अभी केवल धूमावती माई के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के लिए शनिवार को नए उत्तर दरवाजे से आवागमन प्रारंभ होगा। वहीं इसके तहत जो व्यवस्था की गई है, उसके तहत इसी द्वार से आने वाले लोगों को धूमावती माई के दर्शन हो सकेंगे। जबकि अन्य दिनों में व्यवस्था पूर्व की तरह ही सामान्य रहेगी।
दरअसल मां धूमावती devi dhumavati को माता पार्वती का अत्यंत उग्र रूप माना जाता है, देवी का स्वरूप के संबंध में मान्यता है कि धूमावती देवी का स्वरुप बड़ा मलिन और भयंकर प्रतीत होता है।
इनका स्वरूप विधवा का है और वाहन कौवा है, इसके अलावा यह श्वेत वस्त्र धारण किए हुए खुले केश रुप में होती हैं। वहीं इनका स्वरूप अत्यंत उग्र होने के बावजूद भी संतान के लिए कल्याणकारी होता है। यहां भक्तों को माई धूमावती के दर्शन केवल शनिवार को सुबह-शाम 2 घंटे के लिए होते हैं। वहीं इस मंदिर में महिलाओं को माता के दर्शन की मनाही है।
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Published on:
24 Mar 2022 11:07 am
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