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आरएसी के 120 जवान सीख रहे कानून से लेकर हथियार के गुर

- जवानों को दिया जा रहा 4 घंटे की विशेष प्रशिक्षण - पांच सप्ताह चलेगा प्रशिक्षण - जवानों को दिया जा रहा 4 घंटे की विशेष प्रशिक्षण - पांच सप्ताह चलेगा प्रशिक्षण

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120 RAC soldiers are learning everything from law to weapons.

आरएसी के 120 जवान सीख रहे कानून से लेकर हथियार के गुर

धौलपुर. शहर के आरएसी की छठीं बटालियन में पांच सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां बटालियन की 8 कंपनी हैं। प्रत्येक कंपनी के 120 जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जवानों को कानून के ज्ञान के साथ-साथ उनका शरीर पूर्ण रूप से रिफ्रेश रहे। वहीं, सभी को हथियारों को पूर्ण ज्ञान हो इसके लिए उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। यहां मैदान पर जवान आउटडोर एवं इनडोर का प्रशिक्षण ले रहे हैं।आरएसी के सहायक कमांडेंट विजय शंकर शर्मा ने बताया कि पांच सप्ताह में जवानों को स्पेशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जवानों की विशेष ट्रेनिंग चल रही है।

जिसमें कानून के ज्ञान से लेकर हथियारों की जानकारी के बारे में बताया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से शुरू होने वाली यह ट्रेनिंग चार घंटे की होती है। जिसमें जवानों को सर्दी के दिनों में रात्रि गश्त कैसे की जाए। किस प्रकार चोरियों की वारदातों पर लगाम लगे। इसको लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य आरएसी के जवानों को रिफ्रेश करना होता है। जिससे वह अलर्ट में बने रहे। जवानों को खाली हाथ ड्रिल हथियारों के साथ ड्रिल का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें अनुशासन, विशिल बजाना, सलामी देना, दंड चलाना और रात्रि गस्त कैसे की जाए। इसको लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सर्दी के दिनों में सुबह 7.30 बजे ये जवान आरएसी मैदान में पहुंचते हैं। जहां सबसे पहले उनकी उपस्थिति की जाती है। इसके बाद प्रार्थना होती है और प्रशिक्षण शुरू किया जाता है। जो चार घण्टे तक चलता है।

आउट डोर में प्रशिक्षण

आरएसी के छठी बटालियन में खाली हाथ ड्रिल, हथियार के साथ ड्रिल, कंपनी ड्रिल, गार्ड माउटिंग, हथियार एक्सरसाईज, रेतिक परेड, गार्ड ऑफ ऑनर, रॉयट कंट्रोल ड्रिल व लाठी ड्रिल का प्रशिक्षण ले रहे हंै। वहीं जंगल कैम्प में मस्केट्री, केमो फलाईज, दबंग एवं तलाशी, घेराबंदी, रूट लाईनिंग एवं नाकाबंदी के साथ अन्य प्रशिक्षण ले रहे हंै।