
-12 साल से गांव में पौधे लगा सुरक्षा एवं संरक्षण की निभा रही जिम्मेदारी
dholpur, सरमथुरा उपखंड में 70 साल की वृद्ध महिला को प्रकृति से ऐसा प्रेम हुआ है कि धरती को हरा-भरा बनाने के जुनून के साथ पौधरोपण को जीवन का ध्येय बना लिया हैं। वृद्ध महिला ने ना तो किताबों से पर्यावरण बचाने की प्रेरणा ली हैं ना ही कभी स्कूल का मुंह देखा हैं। खेती किसानी से ताल्लुक रखने वाली वृद्ध महिला ने पर्यावरण को बचाने की ऐसी मुहिम चलाई हैं कि गांव में कई महिलाएं आगे आई हैं। भिण्डीपुरा निवासी गुलाब वाई मीणा में 12 साल पूर्व पर्यावरण के प्रति ऐसी चेतना आई कि पेड़-पौधे लगाने के बारे में सोचा और बच्चों की तरह उनका पालन-पोषण किया। वृद्ध महिला ने पौधे लगाने के लिए पौध का भी अपने स्तर पर ही इंतजाम किया। गुलाबबाई 12 साल में औषधि, फलदार, छायादार प्रजाति के सैकड़ों पौधे लगा चुकी हैं। यही नही पौधों को जीवित रखने के लिए नियमित पानी देकर जिम्मेदारी निभा रही हैं। वृद्ध महिला ने सड़क किनारे पौधों को सुरक्षित रखने के लिए पत्थरों से गमले भी बना दिए हैं ताकि बकरियां या अन्य जानवर उन्हें नुकसान न पहुंचा पाएं। वृद्ध महिला के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए गांव की रामकला, शीला, लक्ष्मी, लीला, ल्हौरी, रजना, संपत भी पौधे लगाकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पौधे लगाने के लिए वृद्ध महिला ने ना तो किसी से पैसे लिए और न ही किसी की मदद ली हैं। वृद्ध महिला की कठोर मेहनत, परिश्रम से सार्थक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। गुलावबाई बताती हैं कि धरती को हरा-भरा बनाकर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाना ही उनके जीवन का मुख्य ध्येय हैं।
-आंवला, अमरूद, नीबू, आम, गूलर सहित छायादार प्रजाति के लगाए पौधे
गुलावबाई ने गांव में आंवला, अमरूद, नीबू, आम, गूलर, सहित छायादार प्रजाति के सैकड़ों पौधे अब तक लगा चुकी हैं। वर्षों से पौधरोपण व उनकी देखभाल इनके जीवन का अभिन्न अंग बना हुआ है। गांव के लोग वृद्ध महिला का प्रकृति प्रेम देख प्रेरणा भी ले रहे हैं। गुलावबाई बताती हैं कि पशुओं के लिए पर्याप्त घास, घने पेड़, पीने के लिए पानी मिले, लोगों को स्वच्छ वातावरण मिले, यही सोचकर लोगों को पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करने में लगी हैं।
Published on:
09 May 2025 07:18 pm
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