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अक्षय तृतीया पर शादियों की धूम, 120 जोड़े हुए एक दूजे के

मैरिज गार्डनों से लेकर धर्मशालाएं तक रहीं फुल, बाजारों में दिखी रौनक बाल विवाह रोकने पुलिस प्रशासन रहा सतर्क धौलपुर.खरमास समाप्त होने के बाद अबूझ मुुहुर्त यानी अक्षय तृतीया पर शहर में शादिया की धूम रही। यह धमा चौकड़ी रात भर चलती रही। अबूझ मुहुर्त होने के कारण शहर में लगभग १२० शादिया हुईं। इस […]

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अक्षय तृतीया पर शादियों की धूम, 120 जोड़े हुए एक दूजे के Akshaya Tritiya sees a wave of weddings, with 120 couples tying the knot

मैरिज गार्डनों से लेकर धर्मशालाएं तक रहीं फुल, बाजारों में दिखी रौनक

बाल विवाह रोकने पुलिस प्रशासन रहा सतर्क

धौलपुर.खरमास समाप्त होने के बाद अबूझ मुुहुर्त यानी अक्षय तृतीया पर शहर में शादिया की धूम रही। यह धमा चौकड़ी रात भर चलती रही। अबूझ मुहुर्त होने के कारण शहर में लगभग १२० शादिया हुईं। इस दौरान वैवाहिक बंधन में बंधने वाले जोड़ों ने एक दूसरे का हाथ थामा। तो वहीं बारातों ने सडक़ों पर लंबे जाम की भी स्थिति निर्मित कर दी। जिससे आवागमन करने वाले लोग भी परेशान हुए।

शादियों का धूम धड़ाका प्रारंभ होने के साथ शहनाइयों की गंंूज सुनाई देने लगी हैं। बैंडबाजों के साथ बाजारों में दूल्हों की निकासी निकलने लगी। सडक़ों पर बरातियों की बसें दौड़ती दिख रही हैं। फ्लावर डेकोरेटर्स के यहां दूल्हे की कारें सजाने के लिए कारीगर लगे रहे। शाम होते ही गाजे-बाजे के साथ बरातियों का नाच गान शुरू हो रहा है। अबूझ सावे अक्षय तृतीया पर तो शहर का नजारा कुछ और ही था। जहां आसमान में रंगीन आतिशी नजारे दिखाई दिए। मैरिज होम रोशनी से जगमगाते रहे डीजे की धूम देर रात तक चली। अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को समारोह की धूम रहने से बाजार में कई बार जाम लगे। इससे राहगीरों सहित वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में सुबह से ही शादी समारोह की रौनक होने से बाजार में कई बार जाम लग गया।

घोड़ी से लेकर मैरिज गार्डन तक सब फुल

अक्षय तृतीया पर बाजार पूरी तरह से गुलजार रहे। सुबह से ही भारी भीड़ बाजारों में देखने को मिली। लोग ब्याह शादियों के लिए जमकर खरीदारी करने पहुंचे। दुल्हा-दुल्हन के परिधान, एसेसरीज, साफा और गहने बड़ी संख्या में खरीदे गए। बैंड, घोड़ी, लवाजमा, आतिशबाजी और मैरिज गार्डन की बुकिंग फुल रही। फल-सब्जियों, सूखे मेवे के भावों में भी जोरदार तेजी बनी रही। वहीं सोने चांदी के भाव भी उछाल पर हैं। दूसरी तरफ अबूझ सावे को लेकर जिले की पुलिस भी अलर्ट मोड पर रही। और जगह-जगह सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात दिखाई दिए। इसके अलावा बाल विवाह को रोकने के लिए भी पुलिस ने प्रयास किए। राज्य महिला आयोजन ने भी बाल विवाह को लेकर विशेष निगरानी रखी।

अप्रेल-मई में शादियों के 8 शुभ मुहूर्त

अप्रेल व मई में शादियों के 8 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं 19 अप्रेल को अक्षय तृतीया का अबूझ सावा रहा। आखातीज के इस अबूझ मुहूर्त पर शहर में लगभग 1२0 विवाह हुए। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि पंचांग के अनुसार वैशाख महीना व प्रथम ज्येष्ठ महीने में आठ मई तक विवाह के आठ लग्न मुहूर्त रहेंगे। इनमें 19, 20, 21, 26 अप्रेल के बाद मई महीने में पांच, छह, सात, 8 मई को विवाह के शुभ मुहूर्त है। वैशाख महीना धार्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत खास है। इस महीने में वरुथिनी एकादशी, अमावस्या, अक्षय तृतीया, गंगा सप्तमी व सीता नवमी जैसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार आएंगे।

क्यों अबूझ है अक्षय तृतीया

ज्योतिषाचार्य योगेश तिवारी ने बताया कि अक्षय तृतीया को इसलिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है, क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होते हैं। जो सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल में वृद्धि करते हैं। अक्षयका अर्थ है-जिसका कभी नाश या क्षय न हो, इसलिए इस दिन किए गए दान, तप, जप और खरीदारी का फल चिरस्थायी और अनंत माना जाता है।