गोवर्धन के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर सैंपऊ महादेव मंदिर के पास अचानक मधुमक्खियों के झुण्ड से हमला बोल दिया। इसकी चपेट में आने से करीब तीन दर्जन लोग आ गए।
धौलपुर. गोवर्धन के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर सैंपऊ महादेव मंदिर के पास अचानक मधुमक्खियों के झुण्ड से हमला बोल दिया। इसकी चपेट में आने से करीब तीन दर्जन लोग आ गए। इसमें 15 लोगों को बाड़ी सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया है। ये लोग बाड़ी से दर्शन करने गए हुए थे। जानकारी के मुताबिक गोवर्धन के दर्शन के लिए कस्बे से बड़ी संख्या में लोग गए हुए थे जो कि रविवार को दर्शन कर बस से बाड़ी लौट रहे थे। सैंपऊ महादेव मंदिर के पास अचानक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। जिससे अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों ने तीन दर्जन लोगों को डंक मार दिया। हमले में घायल हुए श्रद्धालुओं का इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है। चिकित्सकों ने बताया कि मधुमक्खियों का हमला बड़ा था लेकिन राहत की बात है कि सभी खतरे से बाहर हैं।
मौसम ने मारी पलटी, कराया ठण्डक का अहसास
लौटते हुए मानसून ने जिले को तरबतर कर रखा है। शुक्रवार देर रात से बाड़ी में बारिश का दौर शुरू हुआ जो रुक-रुक कर जारी था। बारिश का असर मौसम पर भी पड़ा और सर्दी का अहसास होने लगा है। ठण्डक के चलते लोग दो दिन से कूलर-पंखे बंद करने पर मजबूर हैं। वहीं, छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए उनके गर्म कपड़े बाहर निकल आए हैं। वहीं, पन्द्रह दिन बाद हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली है। जिसकी तैयारियों को लेकर हर घर में शुरुआत हो चुकी है। लोग अपले घर एवं प्रतिष्ठान को सजाने में लगे हुए हैं। रंगाई-पुताई का दौर चल रहा है। लेकिन बरसात के चलते काम में बाधा आ रही है। बरसात लोगों की गई मेहनत पर पानी फेर रहा है। बारिश से घरों पर किया गया पेंट खराब हो चुका है। बदले मौसम को देखते हुए लोगों ने फिलहाल जरुरी कामकाजों को रोक दिया है।
जानवर और किसानों की बड़ी परेशानी
बेमौसम बरसात से जहां कुछ लोग आनंदित हैं तो वही बेजुबान जानवर और किसानों के लिए बरसात परेशानी का सबब बनी हुई है। सडक़ों पर लावारिस घूमने वाले जानवरों के लिए बरसात परेशानी लेकर आई है। जगह-जगह जानवर सर्दी से व्याकुल होते देखे जा रहे हैं। वहीं लंपी वायरस का प्रकोप होने के चलते गोवंश और अधिक प्रताडि़त हो रहा है। इसके अलावा किसान भी बेमौसम होने वाली बरसात के चलते खासे परेशान हैं क्योंकि उनके खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है।