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सरकारी कॉलेजों की धड़ाधड़ घोषणा, शिक्षक और स्टाफ का पता नहीं

धौलपुर. राज्य सरकार ने हाल के बजट में प्रदेशभर में कई सरकारी कॉलेजों की घोषणा तो कर दी लेकिन नवीन सत्र शुरू होने जा रहा है लेकिन अभी कई कॉलेजों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं। साथ ही यहां लेक्चरर और स्टाफ भी नहीं मिल पाया है।

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 Big announcement of government colleges, teachers and staff are not known

सरकारी कॉलेजों की धड़ाधड़ घोषणा, शिक्षक और स्टाफ का पता नहीं

धौलपुर. राज्य सरकार ने हाल के बजट में प्रदेशभर में कई सरकारी कॉलेजों की घोषणा तो कर दी लेकिन नवीन सत्र शुरू होने जा रहा है लेकिन अभी कई कॉलेजों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं। साथ ही यहां लेक्चरर और स्टाफ भी नहीं मिल पाया है। हाल ये है कि जिले के सबसे बड़े राजकीय स्नातकोत्तर धौलपुर के प्राचार्य पर चार अन्य कॉलेजों का भी अतिरिक्त कार्यभार है। कार्य की अधिकता की वजह से वह अन्य कॉलेजों में व्यवस्था का पीजी कॉलेज से भी संभालते हैं। जबकि राजकीय कॉलेजों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची प्रकाशित होने वाली है।

अगर समय से लेक्चरर या अतिथि शिक्षक नहीं मिले तो विद्यार्थियों की पढ़ाई रामभरोसे ही रहेगी। उधर, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से गत दिनों विवि का धौलपुर में एक सेंटर स्थापित करने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक विवि की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। शिक्षण कार्य शुरू होने पर विद्यार्थियों को समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर नहीं होने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब रहे कि जिले में धौलपुर पीजी कॉलेज समेत एक दर्जन राजकीय कॉलेज संचालित हैं। जिसमें कुछ स्नातकोत्तर हैं। लेकिन इन कॉलेजों में शिक्षण कार्य कराने वाले स्टाफ की कमी है। पिछले सत्र में आयुक्तालय ने अतिथि शिक्षक रखकर कार्य कराया था लेकिन अभी तक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जबकि अगले कुछ दिन में शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।

धौलपुर व राजाखेड़ा क्षेत्र में अधिक कॉलेज

धौलपुर मुख्यालय और राजाखेड़ा उपखण्ड में सर्वाधिक सात राजकीय कॉलेज संचालित हैं। इसमें धौलपुर में पीजी कॉलेज, गल्र्स पीजी कॉलेज, विधि कॉलेज व कृषि कॉलेज शामिल है। इसी तरह राजाखेड़ा में राजाखेड़ा शहर में पीजी कॉलेज, मरैना में कन्या कॉलेज व मनियां कस्बे में राजकीय कॉलेज संचालित है। वहीं, बाड़ी उपखण्ड में बाड़ी कस्बे में गल्र्स कॉलेज, बाड़ी राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज है। सैंपऊ क्षेत्र में सैंपऊ पीजी कॉलेज (दो दिन पहले घोषित) व बसई नवाब राजकीय कॉलेज संचालित है। इसी तरह सरमथुरा क्षेत्र में राजकीय कॉलेज व बसेड़ी उपखण्ड में राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज है। इन कॉलेजों में दो कृषि कॉलेज हैं। इसमें एक पीजी कॉलेज में दूसरा बसेड़ी क्षेत्र में संचालित है।

पीजी कॉलेज फेकल्टी पर दो कॉलेजों का चार्ज

जिले में संचालित कॉलेजों में प्राचार्य समेत स्टाफ की कमी बनी हुई है। इसकी बानगी देखिए धौलपुर पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ.एसके जैन पर राजाखेड़ा पीजी कॉलेज, सरमथुरा, मनियां व मरैना कॉलेजों का अतिरिक्त चार्ज है। इसी तरह पीजी कॉलेज धौलपुर की फेकल्टी धौलपुर शहर के कन्या कॉलेज में बतौर प्राचार्य और बसई नवाब कॉलेज का अतिरिक्त कार्य संभाल रहे हैं।

कॉलेजों में नहीं फेकल्टी, जल्द शुरू होगा शिक्षण कार्य

जिले में कई कॉलेजों में पढ़ाने के लिए फेकल्टी तक नहीं है। पूर्व के सत्र में सरकार विद्या संबल योजना के तहत इन कॉलेजों में अतिथि शिक्षक रखे गए थे। लेकिन प्रकरण बाद में कोर्ट में चले जाने से इस पर निर्णय आना बाकी है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामले स्टे आ चुका है। अब कॉलेजों में स्थाई नियुक्ति नहीं होने तक पहले पूर्व के ही अतिथि शिक्षकों को रखना होगा। माना जा रहा है कि अतिथि शिक्षकों पर जल्द कॉलेज आयुक्तालय निर्णय ले सकता है। जिले में करीब 30 अतिथि शिक्षक पूर्व में कॉलेजों में शिक्षण कार्य करा रहे थे जबकि प्रदेश में इनकी संख्या करीब दो हजार बताई जा रही है।

विवि से नोडल प्रभारी के नहीं हुए आदेश जारी

भरतपुर व धौलपुर जिले के राजकीय व निजी कॉलेज भरतपुर के कुम्हेर स्थित महाराजा सूरजमल बृज विवि से संबद्ध हैं। गत दिनों विवि के कुलपति प्रो.रमेश चंद्रा धौलपुर दौरे पर पहुंचे थे और धौलपुर, डीग और भरतपुर में विवि सेंटर खोलने की घोषणा की थी। सेंटर पर नोडल प्रभारी नियुक्त करने की बात कही जो विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण धौलपुर में ही कर सकेगा। लेकिन कुलपति के दौरे के बाद से अभी तक इन सेंटरों पर नोडल प्रभारी लगाने के आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। जबकि शिक्षण कार्य शुरू होने वाला है।

- धौलपुर के अलावा अन्य कॉलेजों का भी अतिरिक्त भार है। कॉलेजों में व्यवस्थित शिक्षण कार्य कराने के लिए पूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। अतिथि शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया आयुक्तालय आदेशानुसार होगी।

- डॉ.एसके जैन, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज धौलपुर