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तीस माह का काम…नौ साल बाद भी अधर में लटका

-सिंचाई विभाग और कंपनी के शनै-शनै कार्यों से चंबल लिफ्ट परियोजना बनी मजाक -234 से ज्यादा गांवों की 39हजार 980 हेक्टेयर भूमि सिंचाई से वंचित -धौलपुर-राजाखेड़ा ब्लॉक के हजारों किसान परियोजना के प्रारंभ होने की आस में धौलपुर. 850 करोड़ की लागत… और नौ साल का इंतजार… तब भी क्षेत्र के लोगों को चंबल लिफ्ट […]

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तीस माह का काम...नौ साल बाद भी अधर में लटका Thirty months of work...still hanging in the balance after nine years

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-सिंचाई विभाग और कंपनी के शनै-शनै कार्यों से चंबल लिफ्ट परियोजना बनी मजाक

-234 से ज्यादा गांवों की 39हजार 980 हेक्टेयर भूमि सिंचाई से वंचित

-धौलपुर-राजाखेड़ा ब्लॉक के हजारों किसान परियोजना के प्रारंभ होने की आस में

धौलपुर. 850 करोड़ की लागत... और नौ साल का इंतजार... तब भी क्षेत्र के लोगों को चंबल लिफ्ट परियोजना से पानी मिलने का इंतजार है। योजना से 39 हजार 980 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जानी है, लेकिन किसान योजना के प्रारंभ होने का इंतजार ही कर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गत माह योजना का शुभारंभ भी कर चुके हैं। तो वहीं सिंचाई विभाग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने की बात कह रहा है।

सिंचाई विभाग और डीवीपीआर कंपनी की उदासीनता का ही कारण है कि तीस माह का कार्य नौ सालों में भी पूरा नहीं हो सका है। चंबल लिफ्ट परियोजना के प्रारंभ हुए कंपनी और विभाग के शनै-शनै कार्य के कारण धौलपुर सहित 3 तहसीलों के हजारों किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। लिफ्ट परियोजना से संचित चंबल के पानी से जिले के लोगों की भी प्यास बुझेगी वहीं हजारों हेक्टेयर भूमि की भी सिंचाई की जाएगी, लेकिन अभी भी किसानों को इस परियोजना का लाभ नहीं मिल सका है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग और कंपनी लोग आश्वासन तो देते हैं, लेकिन कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। ज्ञात हो कि चंबल लिफ्ट परियोजना का कार्य हैदराबाद की कंपनी जेवीसीआर कर रही है। जिसका 834 करोड़ का टेंडर है यह कंपनी परियोजना को कंपलीट करने के साथ आठ साल तक मेंटेनेंस का कार्य भी देखेगी।

कई डिग्गियों का कार्य तक प्रारंभ नहीं

चंबल से पानी पहुंचाने को लेकर पाइप लाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन सारा काम डिग्गियों पर आकर अटका है। विभाग को 108 डिग्गियों का निर्माण करना है। जिनमें से15 डिग्गियों का निर्माण होकर पानी भी पहुंच चुका है, वहीं 40 डिग्गियां भी निर्माण के अंतिम कगार हैं, लेकिन शेष डिग्गियों का कार्य अभी भी अधर में लटका है। जानकारी के अनुसार जो 15डिग्गियां बनाई गई हैं, उनमें पानी लिफ्ट कराकर पहुंच तो गया है, लेकिन खेतों तक पानी पहुंचाने पाइप लाइन जोड़े जाने हैं, स्प्रिंकलर लगाए जाने जो कार्य अभी तक नहीं हो पाया है, तो वहीं अभी तक इन डिग्गियों में लाइट कनेक्शन तक का अभाव है। तो वहीं शेष डिग्गियों का फाउंडेशन हो चुका है, तो किसानों को जमीन का कंपनसेशन नहीं मिल पाया है।

डिग्गियों तक पहुंचने रास्ता बना बाधापरियोजना को पूर्ण करने में हालांकि अब एक और बाधा आ रही है, वह बाधा है डिग्गयों तक पहुंचने का रास्ता। दरअसल कंपनी ने जब डिग्गियों का निर्माण कराया तो वह मुख्य रास्ते से 100 से200 मीटर अंदर तक करा दिया है। अब डिग्गियों तक पहुंचने के लिए भी रास्ता जरूरी है। जिस कारण अब सिंचाई विभाग किसानों से खेतों में से होकर रास्ता बनाने को जगह मांग रहे हैं, जिसमें से कुछ किसान तो तैयार हैं, लेकिन कुछ किसी कारणवश टालमटोल कर रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि डिग्गियों तक पहुंचने को रास्ता बनाने के लिए जमीन मिल चुकी हैं और रवी की फसल कटते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। ज्ञात हो कि एक डिग्ग बनाने के लिए छह विस्वा जगह की जरूर होती है।

क्या है चंबल लिफ्ट परियोजना

धौलपुर, राजाखेड़ा और मनियां क्षेत्र की 39 हजार 980 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने 852 करोड़ की लागत से चंबल लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना प्रारंभ की थी। धौलपुर के 114 गांव तो राजाखेड़ा के गांव 62 गांव इस परियोजना से लाभान्वित होंगे। परियोजना के तहत चंबल नदी से पानी लिफ्ट किया जाना है। जिसके लिए नदी पर भारी भरकर पंप हाउस का भी निर्माण कराया गया है। परियोजना के दौरान लगभग 1439 किमी पाइप लाइन भी बिछाई जानी है। जिसके पानी को संरक्षण करने के लिए जगह-जगह 108 डिक्कियों का भी निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। खेतों में पानी स्प्रिंकलर पद्धति से दिया जाएगा।

राजाखेड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी

सबसे ज्यादा खेतों में सिंचाई की परेशानी राजाखेड़ा ब्लॉक में है। परियोजना के लेट होने से राजाखेड़ा क्षेत्र के हजारों किसानों का परियोजना के पानी से खेतों की सिंचाई करने की आस साल दर साल सपना बनती जा रही है। किसान चंबल लिफ्ट परियोजना को लेकर कई बार आंदोलन तक कर रहे हैं। सरकारी तंत्र प्रगति अच्छी बता कर उन्हें गुमराह कर रहा है, लेकिन सच ये है कि जिस गति से कार्य चल रहा है उस गति से तो ये अभी एक साल और ले जाए।

25 डिग्गियों में पानी आ चुका है, अन्य डिग्गियों में भी जल्द पानी लाने की व्यवस्था की जाएगी, हां कुछ जगह थोड़ी बहुत दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जल्द से जल्द कार्य कम्पलीट कर दिया जाएगा।

-प्रताप रेड्डी, मैनेजर जेवीसीआर कंपनी

परियोंना के प्रारंभ हुए नौ साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक क्षेत्र के खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंचा है। सिंचाई विभाग और कंपनी दोनों के उदासीन भरे रवैए के कारण किसान परेशान हैं। सिंचाई विभाग और कंपनी दोनों ही किसानों को बस केवल कार्य जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दे रहे हैं।

-हरिओम शर्मा, अध्यक्ष किसान संगठन