8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

आठ रूटों पर बसों का संचालन ठप…सैकड़ों यात्री परेशान

धौलपुर डिपो चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रही है। यही कारण है कि आठ मुख्य रूटों पर बसों का संचालन अवरुद्ध है। इन रूटों पर प्रतिदिन लगभग 2000 यात्री सफर करते थे। इनमें धौलपुर-बसेड़ी-जारगा और धौलपुर-बसेड़ी-कैलादेवी रूट पर चलने वाली बसें तो पिछले तीन-चार माह से बंद हैं। इन रूटों पर बसों का संचालन बंद होने से जहां यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं, वहीं डिपो को भी आर्थिक घाटा हो रहा है

3 min read
Google source verification
आठ रूटों पर बसों का संचालन ठप...सैकड़ों यात्री परेशान Buses on eight routes halted, hundreds of passengers upset

-चालक और परिचालकों की कमी का हवाला दे रहे धौलपुर डिपो के अधिकारी

-कुछ रूटों पर चार माह से बसों का संचालन बिल्कुल बंद-ठण्ड का असर: 5 से 7 प्रतिशत यात्रियों की आई कमी

- रोडवेज 41 और अनुबंध की 22 बसें संचालित

धौलपुर. धौलपुर डिपो चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रही है। यही कारण है कि आठ मुख्य रूटों पर बसों का संचालन अवरुद्ध है। इन रूटों पर प्रतिदिन लगभग 2000 यात्री सफर करते थे। इनमें धौलपुर-बसेड़ी-जारगा और धौलपुर-बसेड़ी-कैलादेवी रूट पर चलने वाली बसें तो पिछले तीन-चार माह से बंद हैं। इन रूटों पर बसों का संचालन बंद होने से जहां यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं, वहीं डिपो को भी आर्थिक घाटा हो रहा है

धौलपुर डिपो 63 बसों का संचालन करती है। जिनमें से 41 बस खुद निगम की हैं तो 22 बसें अनुबंद्ध पर संचालित की जा रही हैं। इन बसों का संचालन करने के लिए 71 चालक निगम के, 20 चालक एजेंसी के द्वारा हैं तो वहीं 70 परिचालक भी नियुक्त हैं, लेकिन बसों के हिसाब से देखा जाए तो विभाग चालक और परिचालकों की कमी बताता और यही कारण है कि आठ रूटों पर चलने वाली बसें कई माहों से बंद होकर वर्कशॉप में खड़ी हैं। विभाग का कहना है कि लंबे रूट पर चलने वाली बसों में दो चालक और दो परिचालक का स्टॉफ होता है, अगर कोई चालक लंबी दूरी के रूट से आया है तो अगले दिन उसको रेस्ट देने के साथ दूसरे चालक को भेजा जाता है। इस स्थिति में धौलपुर डिपो में बसों के हिसाब से चालक और परिचालकों की कमी है। हालांकि विभाग ने 5 सिविल डिफेंस कर्मचारियों को भी डिपो में चालक परिचालक के रूप में लगा रखा है, लेकिन समस्या अभी भी यथावत बनी हुई है।

धौलपुर वाया जारगा-अतरसूमा रूट पर परेशानी

धौलपुर डिपो के आठ रूटों पर बसों का संचालन बंद होने से लगभग 2000 हजार यात्री परेशानी हैं। जिन्हें अब अन्य तरीकों से अपनी यात्रा करनी पड़ रही हैं। इन रूटों पर सबसे ज्यादा परेशानी बसेड़ी से धौलपुर वाया जारगा-अतरसूमा रूट और धौलपुर वाया बसेड़ी-करौली रूट और धौलपुर से राजाखेड़ा रूट पर आ रही है। राजाखेड़ा रूट पर तो तीन से चार बसों का संचालन किया जाता था, जिनमें से अब केवल एक बस का ही संचालन हो पा रहा है और वह भी यात्रियों की कम संख्या का हवाला देकर विभाग ने बंद कर दी है।

63 बसों का हो रहा संचालन

धौलपुर डिपो 63 बसों का संचालन करती है। जिनमें से 41 बस खुद निगम की हैं तो 22 बसें अनुबंद्ध पर संचालित की जा रही हैं। इनमें से 5 नई बसें डिपो को गत दीपावली पर ही मिली हैं, तो 10 नई बसें पिछले साल। विभाग के अधिकारियों की मानें तो डिपो को जल्द ही कुछ और नई बसें मिल सकती हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात यह होगी बसें तो मिल जाएंगी, लेकिन उसके संचालन के लिए स्टॉफ की व्यवस्था कैसे होगी?

35 सिविल डिफेंस कर्मचारियों की मांग

धौलपुर डिपो ने बसों के संचालन में आ रही परेशानियों को देखते हुए सिविल डिफेंस के पांच कर्मचारियों को अपने यहां नियुक्त कर रखा है। तो वहीं अभी जिले में हुई सिविल डिफेंस कर्मचारियों की नई भर्ती में से विभाग ने कलक्टर को पत्र लिखकर 35 और सिविल डिफेंस कर्मचारियों की मांग की है, जिससे बसों का संचालन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, अगर प्रशासन विभाग की बात मान लेता है तो संचालन में आ रही परेशानी काफी हद तक दूर होगी। कार्मिकों की कमी के चलते केन्द्रीय बस स्टैंड पर पहले ही टिकट काउंटर बंद हो चुका है। अब सीधे बस में ही कंडक्टर टिकट काटता है।

इन रूटों पर बसों का संचालन बंद- नवाब बसई वाया धौलपुर-करौली

- कैलादेवी वाया धौलपुर-आगरा- धौलपुर वाया बसेड़ी-कैलादेवी

- धौलपुर वाया आगरा-अलीगढ़- बसेड़ी धौलपुर वाया जारगा-अतरसूमा

- बसेड़ी वाया धौलपुर-ग्वालियर- नवाब बसई वाया नई दिल्ली

- धौलपुर वाया राजाखेड़ा

ठण्ड का असर: 7 प्रतिशत यात्री संख्या में गिरावट

जिले भर में कड़ाके की ठण्ड ने गदर मचा रखा है। कोहरा, शीतलहर के कोकटेल ने लोगों की जिंदगी थाम दी है। सर्दी का विपरीत असर धौलपुर डिपो की चलने वाली बसों पर भी पड़ रहा है। ठण्ड का आलम यह है कि 6 से 7 प्रतिशत तक यात्रियों की संख्या में गिरावट आ चुकी है। जिस कारण डिपो को यात्री भाड़े में 20 प्रतिशत तक की कमी झेलनी पड़ रही है। सामान्य दिनों में डिपो की प्रतिदिन की आय लगभग 10 से 11 लाख रुपए है जिससे रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। सुरक्षा कारणों से बसों की गति भी धीमी कर दी गई है। रोडवेज डिपो के बस परिचालकों के अनुसार ठंड और कोहरे के कारण लोग यात्रा करने से बच रहे हैं, विशेषकर सुबह और रात के समय यात्रियों की संख्या में अधिक कमी देखी गई है। यात्रियों की घटती संख्या और बसों के विलंबित संचालन से रोडवेज की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

डिपो चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रही है। जिस कारण कुछ रूटों पर बसों का संचालन बंद है। प्रशासन से सिविल डिफेंस कर्मचारियों की मांग की गई है।

-जगजीत सिंह, महाप्रबंधक धौलपुर डिपो