
- कोतवाली पुलिस ने आरोपित दंपती को गिरफ्तार
- संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर अनिल मीना से मिलीभगत कर बनवाया था प्रमाण पत्र, संविदाकर्मी पूर्व में हो चुका गिरफ्तार
धौलपुर. जिला अस्पताल में कार्यरत रहे संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर अनिल मीणा से मिलीभगत कर एक दंपती ने फर्जी अंधता दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा कर राज्य सरकार से करीब 2.50 लाख रुपए की चपत लगाई। मामला खुलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपित दंपती जयदीप कुमार व पत्नी हेमलता लोधा मामला उजागर होने के बाद से फरार थे। पुलिस ने जांच करते हुए आरोपित दंपती को गिरफ्तार किया है। जबकि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाला आरोपित कम्प्यूटर ऑपरेटर अनिल पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है। गौरतलब रहे कि उक्त प्रकरण को सबसे पहले पत्रिका ने गत 24 अप्रेल को ‘सरकारी सिस्टम को नेत्रहीन बना झोंकी मिर्च!,5 साल तक उठाई पेंशन’ खबर प्रकाशित करते हुए उजागर किया था। खबर के बाद पुलिस ने आरोपित दंपती की खोजबनी तेज कर दी थी।
थाना प्रभारी हरिनारायण मीणा ने बताया कि सीएमएचओ डॉ.धर्म सिंह मीणा ने गत 7 मार्च को जयदीप पुत्र अजमेर सिंह एवं उसकी पत्नी हेमलता लोधा निवासी गांव जारोली पोस्ट बसई नवाब ने स्वास्थ्य विभाग से फर्जी तरीके से नेत्रहीन होने का दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र बनवा कर पेंशन का लाभ प्राप्त करने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि तत्कालीन पीएमओ कार्यालय में संविदा कर्मी अनिल मीना कम्प्यूटर ऑपरेटर के सहयोग से अंधता प्रमाण पत्र बनवाकर राज्य सरकार की ओर से जारी दिव्यांग पेंशन योजना में फर्जी प्रमाण पत्र पेश करना और फर्जी प्रमाण पत्रों से राज्य सरकार से हेमलता व जयदीप ने फर्जी तरीके से अंधता दिव्यांग प्रमाण पत्र तैयार करवाकर अवैध तरीके से दोनों योजनाओं में कुल 2 लाख 47 हजार 90 रुपए का नुकसान पहुंचाया। जिस पर दोनों को गिरफ्तार किया है।
Published on:
20 Jul 2025 06:52 pm
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