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बच्चों को नहीं मिला गणवेश, स्कूल में कैसे पहनकर जाएं ड्रेस

शिक्षा सत्र अपने अंतिम दिनों की ओर लेकिन अभी तक राजकीय स्कूलों में पढऩे वाले नौनिहालों को गणवेश उपलब्ध नहीं हो सका है। इसमें 9 से 12वीं तक की छात्राएं भी शामिल हैं जिन्हें भी इस वर्ष से ड्रेस मिलनी थीं। जिससे इन छात्राओं को परीक्षा के दौरान ड्रेस कोड को लागू करने में परेशानी खड़ी हो सकती है।

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बच्चों को नहीं मिला गणवेश, स्कूल में कैसे पहनकर जाएं ड्रेस Children did not get uniforms, how to wear the dress to school

शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैए के कारण अटकी जिले के दो लाख बच्चों की यूनिफार्म

9 से 12 तक की छात्राओं को भी मिलनी थी यूनिफॉर्म

इस बार 1 से 5 तक के बच्चों को सिली ड्रेस देने की योजना

धौलपुर. शिक्षा सत्र अपने अंतिम दिनों की ओर लेकिन अभी तक राजकीय स्कूलों में पढऩे वाले नौनिहालों को गणवेश उपलब्ध नहीं हो सका है। इसमें 9 से 12वीं तक की छात्राएं भी शामिल हैं जिन्हें भी इस वर्ष से ड्रेस मिलनी थीं। जिससे इन छात्राओं को परीक्षा के दौरान ड्रेस कोड को लागू करने में परेशानी खड़ी हो सकती है।

राज्य सरकार की ओर पिछले बजट में कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों तथा कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को स्कूल बैग एवं यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। घोषणा किए एक सालू पूरा हो चुका है। 18 फरवरी को दूसरा बजट भी आने वाला है, लेकिन शिक्षा विभाग की सुस्त एवं धीमी रफ्तार के चलते पिछली बजट घोषणा भी पूरी नहीं हुई है। जबकि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म में आने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में शिक्षा सत्र के १० महीने बाद भी जिले के करीब 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को अभी भी यूनिफॉर्म नसीब नहीं हुई है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को बिना यूनिफार्म के आना पड़ता है।

तो कैसे लागू होगा ड्रेस कोड

सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को संबल प्रदान करने लिए पिछली सरकार ने नि:शुल्क यूनिफॉर्म प्रदान करने योजना शुरू की गई है। पूर्ववर्ती सरकार में कक्षा 1 से 8 तक सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले सभी बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफॉर्म कपड़ा और सिलाई के 200 रुपए दिए जाते थे। वर्तमान सरकार ने यूनिफॉर्म का दायरा बढ़ाते हुए कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को भी इस बार दो जोड़ी यूनिफॉर्म फैब्रिक उपलब्ध कराया जाना था। खास बात यह है कि इस बार शिक्षा विभाग की ओर से कपड़े की बजाय कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सिली हुई ड्रेस दिए जाने की योजना थी, लेकिन शिक्षा विभाग की लेट लतीफ के चलते अभी तक ना तो बच्चों को यूनिफॉर्म मिली और ना ही पैसे दिए गए।

नहीं मिले स्कूल बैग भी

राज्य सरकार ने अपने पिछले बजट के दौरान स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए गणवेश के साथ नि:शुल्क स्कूल बैग भी उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। जिसके एवज में प्रति बच्चे को यूनिफॉर्म सिलाई राशि सहित स्कूल बैग्स की राशि मिलाकर 800 रुपए देने थे। जिसके आदेश भी निदेशक शिक्षाविभाग ने भी कर दिए थे, लेकिन गणवेश के साथ बच्चों को अभी तक स्कूल बैग भी नसीब नहीं हुए हैं।

एग्जाम के लिए ड्रेस कोड लागू

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षा 6 मार्च से शुरू होने वाली हैं। बोर्ड के नए फैसले के अनुसार बोर्ड एग्जाम में ड्रेस कोड लागू कर दिया है। यानी स्टूडेंट्स को एग्जाम में अपने स्कूल की यूनिफॉर्म पहनकर ही परीक्षा देनी होगी।

बच्चों को मिलने वाला गणवेश अभी नहीं आया है। यह राज्य सरकार का फैसला है। सरकार अपने हिसाब से कार्य करती है और अपने हिसाब से ही गणवेश को लेकर आदेश जारी किए जाएंगे।

-महेश मंगल, एसीबीओ धौलपुर

स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को विभाग की ओर से यूनिफॉर्म नहीं उपलब्ध कराई गई है और नहीं राशि दी गई है। सरकार को जल्द से जल्द बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना चाहिए।

-राजेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री माध्यमिक शिक्षक संघ