
आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को ड्रेस व बर्तनों का इंतजार, 31 हजार बच्चें पंजीकृत
धौलपुर. जिले में स्कूल के बच्चों की तरह से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भी सरकार की ओर से दो यूनिफार्म दी जानी थी। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को यूनिफार्म नहीं मिल पाई है। जिससे केन्द्रों पर आने बाले बच्चे एक जैसी डे्रस पहनकर आ सकें। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को पहचान भी नहीं मिल पा रही है।आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल तक के लगभग 30 हजार बच्चों को यूनिफार्म दी जानी थी। जिसमें राज्य सरकार ने इसी साल के बजट में आंगनबाड़ी के बच्चों को दो जोडी यूनिफार्म दिए जाने की घोषणा की थी।
जिससे बच्चे एक समान ड्रेस पहनकर आ सकें। पढऩे बाले बच्चों में भी स्कूल की तरह से प्रारंभिक शिक्षा के प्रति उनका लगाव हो सकें। लेकिन बजट घोषणा के छह माह बीतने के बाद भी यह योजना धरातल पर नहीं आ पाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अधिकतर निम्न व जरूरतमंद बच्चे ही आते हैं। जिनके पास यूनिफार्म नहीं होती हैं, ऐसे में अभी बच्चे अलग-अलग तरह के कपड़े पहनकर केन्दों पर आ रहे है। इससे यहां आने वाले बच्चों में समानता का भाव भी नहीं आ पाता हैं। एक जैसी यूनिफार्म मिलने से सभी बच्चे स्कूलों की तरह से एक समान ही दिखाई देंगे।
राज्य सरकार की ओर से जो यूनिफार्म दी जानी थी। लेकिन वह गर्मियों के सीजन के लिए थी। लेकिन अब सर्दियां शुरू होने लगी है। लेकिन अभी तक सर्दियों के लिए कोई यूनिफार्म नहीं दी है। ऐसे में बच्चों को क्या पहनना है यह भी तय नहीं हो पा रहा है। जिससे अभी आंगनबाड़ी पर आने वाले बच्चों को अपनी डे्रस का इंतजार है।
अभी तक सुविधा नहीं मिल रही-
सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोषाहार खाने के लिए बर्तन देने की भी इस साल घोषणा की थी। लेकिन अभी तक वह भी धरातल पर नहीं आ सकें है। बच्चों को खाना के लिए के लिए प्लेट, गिलास और चम्मच दी जानी थी। लेकिन एक भी केंद्र पर बच्चों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। वहीं जिले की काफी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पका खाना बनना भी शुरू नहीं हुआ है। जबकि सभी के खातों में गैस चूल्हा की राशि भेज दी गई।
ेकेन्द्र पर बच्चों को ये होती है परेशानी-सूत्रों ने बताया कि जिले में 1033 आंगनबाडी केन्द्रों में बच्चों को पोषाहार आदि देने के लिए बर्तन नहीं होने से अभी कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बर्तन हो तो बच्चों को चम्मच से खाना खिलाने में परेशानी नहीं हो। वहीं छोटे बच्चों को पानी पिलाने के लिए गिलास आदि भी नहीं होने से जग से पानी पीने से बच्चों के कपड़े गिले हो जाते हैं। वहीं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अव्यवस्थाओं का अभाव है।
केन्द्र के आंकड़े एक नजर में-
- जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 1033- जिले में केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 साल के बच्चे
- जिले में केंन्द्रों पर बच्चों की संख्या लगभग 30 हजार
बच्चों के लिए आंगनबाडी केन्द्रों में दो ड्रेस आनी थी, लेकिन अभी तक इस बारे में राज्य सरकार से कोई दिशा निर्देश नहीं आए है। बर्तन आदि का बजट आते ही उपलब्ध कराए जाएंगे। बर्तन व ड्रेस देने की घोषणा तो हुई थी। लेकिन अभी तक आए नहीं है।- भूपेश गर्ग, उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास धौलपुर।
Published on:
09 Nov 2023 06:57 pm
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