
नैरोगेज ट्रेन को विदा करने पहुंचे शहरवासी, रेलवे कर्मी हुए भावुक....देखें वीडियो
धौलपुर । आगरा रेल मण्डल अंतर्गत धौलपुर रेलवे जंक्शन से संचालित होने वाली 113 साल पुरानी नैरोगेज (छोटी लाइन) टे्रन के पहिए शुक्रवार देर शाम थम गए। इससे पहले सुबह ट्रेन के आखिरी यात्री सफर में जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल, एडीएम सुदर्शन तौमर, एसडीएम अनूप सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी व आम नागरिक शामिल हुए। जिला कलक्टर अग्रवाल ने ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया और फिर नरपुरा स्टेशन तक की यात्रा का लुत्फ भी उठाया।
रेलवे ने नैरोगेज से ब्रॉडगेज आमान परिवर्तन के चलते धौलपुर, सरमथुरा एवं मोहारी-तांतपुर खंड की सभी सेवाएं 1 अप्रेल से बंद करने का निर्णय लिया है। करीब 89 किलोमीटर रेल मार्ग पर दौडऩे वाली इस ट्रेन की शुरुआत महाराजा धौलपुर ने 1908 में की थी। छोटी लाइन ट्रेन को विदाई देने स्टेशन पर बसेड़ी एसडीएम कुणाल, सैंपऊ एसडीएम रेखा मीणा, तहसीलदार धर्म सिंह, कोतवाली प्रभारी अनिल जसौरिया, निहालगंज थाना प्रभारी विजय मीणा, स्टेशन प्रबंधक एसके जैन, अंकित गुप्ता, एसडीएम कार्यालय से जगदीश, अंकित समेत बड़ी संख्या में यात्री पहुंचे।
स्टेशन पर दिखा खुशी का माहौल, यात्रियों ने ली सेल्फी
नैरोगेज ट्रेन के बंद होने की खबर मिलने पर बड़ी संख्या में लोग सुबह छोटी लाइन स्टेशन पहुंच गए। यहां पर लोगों ने मोबाइल से सेल्फी ली। कई सेवानिवृत रेलवे कर्मचारी भी यहां पहुंचे और कर्मचारियों से मिले। बाड़ी से ट्रेन से लेकर पहुंचे लोको पायलट हरचरण मीणा ने बताया कि इस ट्रेन को चलाने का आज उनकी अंतिम ड्यूटी थी, जिससे मन थोड़ा भावुक था लेकिन यह सब कार्य का हिस्सा है। वहीं, सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर स्टेशन से ट्रेन को लोको पायलट प्रदीप कुमार सोनी व सहायक लोको पायलट अमित कुमार शर्मा लेकर रवाना हुए। ट्रेन के संचालन के लिए करीब 10 लोको पायलट कार्यरत थे, जो अब आगरा चले जाएंगे।
हाथ हिला कर दी विदाई
नैरोगेज ट्रेन की आखिरी यात्रा की जानकारी मिलने पर रास्ते में जगह-जगह ग्रामीण हो या छोटे बच्चे वह ट्रेन के लोको पायलट और यात्रियों को हाथ हिलाकर अभिवादन करते दिखे। बाड़ी तक के सफर में दो से तीन स्थान पर पटरियों पर पशुओं के आने से लोको पायलट को ट्रेन को रोकना पड़ा। इस नजारे को देख प्रशासनिक अधिकारियों की हंसी छूट पड़ी।
कोरोना काल में डेढ़ साल बंद रही थी सेवाएं
कोरोना काल में नैरोगेज ट्रेन का संचालन करीब डेढ़ साल तक बंद रहा। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ‘पत्रिका’ ने अभियान चलाया। जिस पर रेलवे ने आखिरकार यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए ट्रेन का संचालन वापस शुरू किया। ग्रामीणों ने डेढ़ साल बाद ट्रेन चलने पर खुशी जताते हुए रास्ते में जगह-जगह लोको पायलट व गार्ड का माला पहना कर स्वागत किया था।
क्या कहते हैं यात्री
- नैरोगेज ट्रेन का संचालन एक अप्रेल से बंद होने की खबर पढकऱ राजाखेड़ा हाल कोटा निवासी राकेश उदैनिया धौलपुर छोटी लाइन स्टेशन पहुंचे। वह पत्रिका समाचार पत्र साथ लेकर आए। बस स्टैण्ड पर खबर पढकऱ मालूम हुआ तो उन्होंने बाड़ी बस से जाना निरस्त कर नैरोगेज ट्रेन से जाने का निर्णय किया। उनका कहना था कि बचपन की यादें इस ट्रेन से जुड़ी हुई हैं। आखिरी सफर की बातें करते हुए राकेश की आंखें खुशी से छलक उठीं।
- राकेश उदैनिया, कोटा निवासी
- इस ट्रेन के बंद होने से साहब, उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वह इस ट्रेन से बचपन से पिता के साथ धौलपुर की यात्रा कर रहे हैं। गांव के लिए बस सेवा नहीं है, इसलिए ग्रामीण छोटी लाइन ट्रेन से ही सफर करते हैं। बंद होने से अब लोगों को दिक्कतें आएगी। अब गांव से धौलपुर आने के लिए बाइक का सहारा लेना पड़ेगा। स्टेशन आने पर मालूम हुआ कि अब ये ट्रेन नहीं चलेगी, तो मन दुखी हो गया।
- भरत सिंह, गढ़ी संाधरा निवासी
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- नैरोगेज ट्रेन की आखिरी यात्रा रोमांचकारी रही। धौलपुर से बाड़ी स्टेशन तक यात्रा का अलग ही अनुभव रहा। नैरोगेज में उनकी पहली यात्रा थी। धौलपुरवासियों की इस ट्रेन से काफी यादें जुड़ी हैं लेकिन अब भविष्य में आमान परिवर्तन के बाद सफर और बेहतर होगा। ये विकास की एक प्रक्रिया है।
- अनूप सिंह, एसडीएम, धौलपुर
- नैरोगेज ट्रेन की आखिरी यात्रा मेरे लिए भावनात्मक थी। मन थोड़ा दुखी भी था लेकिन यह विकास की दृष्टि से खुशी का भी पल है। नैरोगेज से ब्राडगेज पर जा रहे हैं, जिससे जिले का विकास होगा और आमजन की रेलवे की यात्रा भविष्य में और सुखद होगी। 113 साल नैरोगेज ट्रेन ने सेवाएं दी, ऐतिहासिक थी। जो सभी की यादों में रहेगी।
- अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर
Updated on:
01 Apr 2023 06:59 pm
Published on:
01 Apr 2023 12:16 pm
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