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सफाई ठेका फर्म पर उत्पीडऩ का आरोप, 2 माह से वेतन नहीं

सफाई कार्य ठप, न पूरा वेतन, एसआई और न पीएफ का भुगतान – दो दर्ज सफाई कर्मियों ने खोला मोर्चा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन dholpur, राजाखेड़ा. स्वच्छ भारत अभियान के संचालन में लगी फर्म और एनजीओ कार्मिकों को नौकरी देने के नाम पर उत्पीडऩ करने के आरोप लग रहे हैं। यह सब प्रशासन की नाक […]

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सफाई ठेका फर्म पर उत्पीडऩ का आरोप, 2 माह से वेतन नहीं Cleaning contract firm accused of harassment, no salary for 2 months

सफाई कार्य ठप, न पूरा वेतन, एसआई और न पीएफ का भुगतान

- दो दर्ज सफाई कर्मियों ने खोला मोर्चा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

dholpur, राजाखेड़ा. स्वच्छ भारत अभियान के संचालन में लगी फर्म और एनजीओ कार्मिकों को नौकरी देने के नाम पर उत्पीडऩ करने के आरोप लग रहे हैं। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन उनके अधिकारों की सुरक्षा की ओर किसी का ध्यान नहीं है। पिछले दो वर्षों से राजाखेड़ा नगर पालिका में सफाई का संचालन संभाल रही एनजीओ उड़ान फाउंडेशन की कार्यप्रणाली भी उस समय संदेह के दायरे में आ गई, जब दो माह से वेतन न मिलने से नाराज दो दर्जन सफाई कर्मचारियों ने इसके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया और सफाई कार्य में लगे ऑटो टिपर को पालिका कार्यालय के बाहर खड़ा कर कार्य बहिष्कार कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद उन्होंने उपखंडाधिकारी सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर न्यूनतम मजदूरी दिलवाने, वार्षिक वेतन वृद्धि, पीएफएएसआई आदि सुविधाओं की मांग उठाई।

मात्र 6500 में जोखिमभरा कार्य

कार्मिकों ने उपखंड़ अधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि वह जून 2022 से उड़ान इंडिया फाउंडेशन में सफाई कर्मी के तौर पर निरंतर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें तभी से मात्र 6500 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। हर तरह की गंदगी में लगातार कार्य करने से उन्हें संक्रामक बीमारियों का खतरा भी रहता है। सेहत भी खराब बनी रहती है, लेकिन इतने वेतन से दवाओं का खर्चा तो दूर घर का राशन का खर्च भी नहीं चलता। न ही कोई वार्षिक वेतन वृद्धि ही दी जाती है। हालात इतने विकट हैं कि न तो ईएसआई की सुविधा है और न ही पीएफ ही दिया जाता है, जो कि सरकार के नियमानुसार जरूरी है। इन हालात में उनका पूरी तरह शोषण किया जा रहा है लेकिन फर्म उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही।

जोखिम का काम न बीमा न स्वास्थ्य बीमा

सफाई कार्य, कचरा संग्रहण को संक्रमण के मामले में काफी जोखिमभरा माना जाता है, लेकिन इन अल्प वेतन भोगियों को न स्वास्थ्य बीमा और न ही बीमा का लाभ मिलता है, जिससे जान जाने पर परिवार की सुरक्षा हो सके या बीमार होने पर इलाज हो सके। ऐसे में ये हर पल खतरे के साये में नजर आते हैं।

दो माह से वेतन के भी लाले

इन गरीब कर्मचारियों को पिछले दो माह से यह न्यून वेतन भी नहीं दिया गया है। जिससे घरों में चूल्हे ठंडे होने के कगार पर हैं। बच्चों के स्कूल भी शुरू हो रहे हैं तो उनके भी तमाम खर्चे हैं और हाथ पूरी तरह खाली हैं। इस संबंध में कई बार ठेकेदार से अनुरोध किया गया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ज्ञापन देते समय उदय, रामकिशार, अनुराग, शनि, राजकुमार, पवन, प्रदीप, अजय, गंगा, सोनू व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

निवर्तमान अध्यक्ष ने कराया कार्य शुरू

सफाई कर्मियों के कार्य बहिष्कार की सूचना मिलते ही हडक़ंप मच गया और कई पक्ष इसे रोकने का प्रयास करने लगे। निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन ने सफाई कर्मियों और ठेकेदार फर्म के प्रबंधन से बात की ओर एक सप्ताह में प्रकरण का भरोसा दिलाया जिसके बाद अपराह्न सफाई कर्मियों ने कार्य आरंभ कर दिया।    

नगर पालिका से इस प्रकरण पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है, रिपोर्ट आने पर जल्द कार्रवाई करेंगे।

-सुुशीला मीणा, उपखंडाधिकारी राजाखेड़ा