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मचकुंड मेले में क्षतिग्रस्त घाट रहेंगे बंद, 10 घाटों पर स्नान की विशेष व्यवस्था

तीर्थराज मचकुंड पर आगामी 28 और 29 अगस्त को आयोजित होने वाले दो दिवसीय देवछठ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भीड़ को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था समेत तमाम आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। दो दिन के मेले में मचकुंड पर क्षतिग्रस्त घाटों पर आवाजाही बंद रहेगी। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए दस घाट रहेंगे। वहीं, महिलाओं के विशेष घाट रहेंगे और यहां शामियाना लगाया जाएगा।

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मचकुंड मेले में क्षतिग्रस्त घाट रहेंगे बंद, 10 घाटों पर स्नान की विशेष व्यवस्था Damaged ghats will remain closed during Machkund fair, special arrangements for bathing at 10 ghats

- दो दिवसीय देवछठ मेला की व्यवस्थाओं एडीएम व एसडीएम ने लिया जायजा

- परिसर में भंडारे और दुकानों पर रहेगा प्रतिबंध

धौलपुर. तीर्थराज मचकुंड पर आगामी 28 और 29 अगस्त को आयोजित होने वाले दो दिवसीय देवछठ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भीड़ को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था समेत तमाम आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। दो दिन के मेले में मचकुंड पर क्षतिग्रस्त घाटों पर आवाजाही बंद रहेगी। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए दस घाट रहेंगे। वहीं, महिलाओं के विशेष घाट रहेंगे और यहां शामियाना लगाया जाएगा। इस बीच शनिवार को मेला अधिकारी (एडीएम) हरीराम मीणा और मेला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) डॉ.साधना शर्मा ने मचकुंड पहुंच कर नगर परिषद की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उधर, मचकुंड पर शनिवार को अमावस्या के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ रही। गौरतलब रहे कि देवछठ मेला पर मचकुंड पर दो दिन में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेंगी।

सुरक्षा को लेकर चाक.चौबंद इंतजाम

मेला मजिस्ट्रेट डॉ.शर्मा ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र की संवेदनशीलता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जा रही है। मेला क्षेत्र के मुख्य 10 घाटों पर जाली लगाई जाएगी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। क्षतिग्रस्त घाटों को बंद रखा जाएगा और पश्चिमी घाटों को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। सभी घाटों पर रस्से से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और अव्यवस्था न फैले। नागरिक सुरक्षा बल के जवानों को सभी प्रमुख घाटों पर तैनात किया जाएगाए जो लगातार निगरानी रखेंगे। जिससे गंभीर स्थिति में तुरंत रेस्क्यू किया जा सकें।

भंडारों व दुकानों पर प्रतिबंध

एसडीएम ने बताया कि इस बार मेला परिसर और परिक्रमा मार्ग में दुकानों और भंडारों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही में सुविधा होगी और अव्यवस्थित भीड़ से बचा जा सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा बनी रहे और श्रद्धालु निर्विघ्न रूप से स्नान व पूजन कर सकें। बता दें भंडारे इत्यादि से भीड़ के दौरान अव्यवस्था का माहौल हो जाता है। जिससे हादसे की आशंका रहती है।

सीसीटीवी कैमरों से रहेगी निगरानी

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी उपाय भी किए जा रहे हैं। मेला स्थल में हर 100 मीटर की दूरी पर लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। पूरे मेले की निगरानी के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी के लिए पांच कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। वाटर वक्र्स पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी। जिससे वाहन मचकुंड की तरफ नहीं आएं।

स्वच्छता का भी रखा खास ध्यान

निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता गुमान सैनी, सफाई निरीक्षक नप्रकाश श्रीवास्तव, लाडली जगमोहन मंदिर के महंत कृष्ण दास नगर परिषद के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। नगर परिषद की ओर से मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जा रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र की नियमित सफाई और कचरा निस्तारण की व्यवस्था की गई है। साथ ही घाटों पर कचरा नहीं हो इसका खास ध्यान रखा जाएगा। मेला अधिकारी मीणा ने बताया कि मेले के दौरान कानून.व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क रहेगा। सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नियमों की पालना करें और मेला क्षेत्र में स्वच्छता एवं शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

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