राजस्थान की विकास योजनाएं भले ही फाइलों और घोषणाओं में दौड़ रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कई गांवों में “जुगाड़ से जिंदा रहने” की मजबूरी बन चुकी है। धौलपुर जिले की नुनेहरा ग्राम पंचायत के लगभग 2000 ग्रामीण आजादी के 75 साल बाद भी पक्की सड़क से महरूम हैं। ये ग्रामीण बरसात के मौसम में अपनी जान को जोखिम में डालकर ट्यूब पर चारपाई रखकर पार्वती नदी पार करने को मजबूर हैं।