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दूसरों की जान की नहीं परवाह, बस अपना काम बनें

शहर में गुलाब बाग चौराहे से जगदीश तिराहे की तरफ जाने वाला मार्ग सबसे व्यस्ततम मार्ग है। यहां से बाड़ी, करौली और भरतपुर के लिए दिनभर वाहन निकलते हैं। इसके अलावा लोकल वाहन अतिरिक्त हैं।

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दूसरों की जान की नहीं परवाह, बस अपना काम बनें

दूसरों की जान की नहीं परवाह, बस अपना काम बनें

धौलपुर. शहर में गुलाब बाग चौराहे से जगदीश तिराहे की तरफ जाने वाला मार्ग सबसे व्यस्ततम मार्ग है। यहां से बाड़ी, करौली और भरतपुर के लिए दिनभर वाहन निकलते हैं। इसके अलावा लोकल वाहन अतिरिक्त हैं। इसी मार्ग पर डिवाइडर पर कुछ दिनों से इंटरलॉङ्क्षकग ईंट लगाने का कार्य हो रहा है। यह कार्य जगदीश तिराहे से गुलाब बाग चौराहे तक चल रहा है। डिवाइडर पर इंटरलॉङ्क्षकग ईंट लगाने के लिए संवेदक की ओर से सामग्री को सडक़ के बीचों-बीच पटका जा रहा है। गलत तरीके से सामग्री सडक़ पर डालने से दो दिन पहले एक कार शाम के समय इंटरलॉङ्क्षकग से टकराने से बाल-बाल बची। ये एक ही वाक्या नहीं है, इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य वाहन चालक भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं। विशेष बात ये है कि इसी मार्ग पर जिला कलक्ट्रेट है, जहां पर जिले के आला अधिकारी बैठते हैं लेकिन सुरक्षा मापदण्डों को ताक पर हो रहे कार्य इन्हें नजर नहीं आ रहे। संवेदक मनमर्जी और दूसरों की जान खतरे में डाल कर अपना काम करने लगा हुआ है। गौरतलब रहे कि नगर परिषद की ओर से शहरी मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों से पहले मार्ग पर डिवाइडर की गत दिनों सफाई कराई गई। डिवाइडर से मिट्टी हटाकर सडक़ पर ही डाल दी जो कई दिनों तक लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी रही है। अब डिवाइडर पर इंटरलॉङ्क्षकंग ईंट लगाने का कार्य चल रहा है।

साइड में जगह पर बीच में डाल रखी सामग्री

इस सडक़ पर साइड में जगह है, जहां पर इंटरलॉङ्क्षकग ईंटों को रखा जा सकता था। लेकिन खर्चा बचाने के चक्कर में संवेदक ने अपने हिसाब कार्य कर रहा है। डिवाइडर के बगल में ही ईंटों को पटक रखा है। जिससे इस तरफ से निकल रहे वाहन चालक परेशान हैं। जगदीश तिराहे से कार्य होते हुए अब कलक्टे्रट के सामने पहुंच गया है लेकिन इस दौरान जिम्मेदार अधिकारी या जेईएन-एईएन ने मौके पर गलत तरीक से पटकी सामग्री को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया।

हादसा होने पर कौन लेगा जिम्मेदारी

सडक़ मार्ग से निकलने वाले आसपास कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि विकास कार्य भी जरुरी है लेकिन वह सुरक्षित तरीके से होना भी आवश्यक है। जिससे किसी को उससे नुकसान नहीं पहुंचे। लोगों ने कहा कि अगर कल हादसा होता है तो फिर जिम्मेदारी किसकी होगी, क्या जिला प्रशासन अपनी गलती स्वीकार करेगा या फिर हादसा मानकर छोड़ दिया जाएगा। लोगों का कहना था कि आला अधिकारियों को देखना चाहिए या फिर संबंधित निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को कार्य स्थल पर जाकर देखना चाहिए कि कार्य से अनावश्यक परेशानी तो नहीं हो रही है। जबकि उक्त कार्य शहर के प्रमुख मार्ग पर चल रहा है लेकिन इसके बाद भी किसी का ध्यान नहीं है।

कई स्थानों को जोड़ती है उक्त सडक़

गुलाब बाग चौराहे से जगदीश तिराहे होते हुए बाड़ी, बसेड़ी और करौली की तरफ सीधा रास्ता निकलना है। अब इसको हाइवे संख्या 11बी के नाम से भी जानते हैं। वहीं, जगदीश तिराहे से सैंपऊ, सरैंधी (आगरा) तथा भरतपुर होते हुए जयपुर निकल सकते हैं। यह मार्ग हाइवे संख्या 123 है जो भरतपुर के ऊंचा नगला को जोड़ता है।